कोलेस्ट्रॉल क्या हैं? | हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम कैसे करें?

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इस आर्टिकल के जरिये बता रहें हैं कि, कोलेस्ट्रॉल क्या हैं? हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम कैसे करें और कोलेस्ट्रॉल कितने प्रकार के होते हैं। (How to control cholesterol level in Hindi) ख़राब कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने के क्या लक्षण और कारण क्या हैं और क्या खाने-पीने से कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ता हैं? कोलेस्ट्रॉल कितना होना चाहिए और कोलेस्ट्रॉल कम करने के योग। (How to control ldl cholesterol in Hindi) कोलेस्ट्रॉल नार्मल करने के उपाय।

कोलेस्ट्रॉल क्या हैं?

कोलेस्ट्रॉल एक प्रकार का फेट होता हैं, जिसे चर्बी भी कहते हैं। हमारे शरीर में फेट दो तरह का होता हैं, पहला कोलेस्ट्रॉल और दूसरा ट्राइग्लिसराइड्स। ट्राइग्लिसराइड्स कम नुकसान होता हैं। जानवर से निकलकर जो चीज आता हैं, उसमें कोलेस्ट्रॉल पाया जाता हैं और तेल और वसा युक्त भोजन में ट्राइग्लिसराइड्स पाया जाता हैं।

कोलेस्ट्रॉल में एक फैटी एसिड होता हैं और ट्राइग्लिसराइड्स में तीन फैटी एसिड होता हैं। 75% कोलेस्ट्रॉल हमारा शरीर में लिवर बनाता हैं और 25 से 30 प्रतिशत कोलेस्ट्रॉल भोजन के माध्यम से मिलता हैं। यह विटामिन D, कोशिका जैसे कई और हार्मोन को निर्माण करने में मदद करता हैं। कोलेस्ट्रॉल हमारे शरीर का एक जरूरी फैट होता हैं। यह मोम की तरह पिले रंग का होता हैं।

95% लोगों में हृदयघात का कारण, शरीर में बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल होता हैं। कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ना, यह हमारे जीने के तरीका पर निर्भर करता हैं, 500 में से 1 लोग जरूर ख़राब कोलेस्ट्रॉल से पीड़ित होता हैं। हमें जिंदगी भर अपने कोलेस्ट्रॉल लेवल सामान्य रखना पड़ता हैं। कोलेस्टॉल पानी को नहीं घुलता हैं।

कोलेस्ट्रॉल दो प्रकार का होता हैं, पहला अच्छा कोलेस्टॉल, जिसे हम HDL कोलेस्टॉल कहते हैं, यह ख़राब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करता हैं। और दूसरा ख़राब कोलेस्ट्रॉल, जिसे हम LDL कोलेस्ट्रॉल कहते हैं, यह दिल का दौरा जैसे कई और समस्याओं को उत्पन्न करता हैं। हाई कोलेस्ट्रॉल को हाइपरलिपीडेमिया भी कहते हैं। 20 वर्ष से अधिक लोगों में 40% लोग हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल के कारण दिल की बीमारी के कारण मौत हो जाते हैं।

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हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल के लक्षण (Symptoms of High cholesterol in Hindi)

Table of Contents

हाई कोलेस्ट्रॉल के कोई खास लक्षण नहीं दिखाई देते, लेकिन छोटे-छोटे कई ऐसे लक्षण हैं जो हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल को दर्शाता हैं। 11 लक्षण जो हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल की पहचान हैं।

  1. हृदय के बाएँ साइट में हल्की दर्द होना और दिलों में घबराहट होना, यह हाई कोलेस्ट्रॉल का लक्षण हैं। शरीर में हाई कोलेस्ट्रॉल बढ़ने से पुरे शरीर में खून का संचार ठीक से नहीं होता हैं, इसके कारण ये सारे परेशानी होती हैं।
  2. हाथ-पैरों में झुनझुनी होना, हाई ख़राब कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने का लक्षण हैं। ऐसे में कोलेस्ट्रॉल लेवल जाँच की जरूरत पड़ती हैं।
  3. लिपोमा भी हाई कोलेस्ट्रॉल के एक लक्षण हैं। लिपोमा चोट लगने के बाद जो फुला हुआ दिखाई देता हैं, बिल्कुल ट्यूमर की तरह दीखता हैं। यह त्वचा के अक्सर होता हैं। यह कैंसर नहीं हैं। यह किसी भी उम्र के लोगों को हो सकता हैं, अक्सर 40 से 60 के उम्र के बीच के लोगों में दिखाई देता हैं।
  4. आँख के पलकों के नीचे पिम्पल्स जैसे पिले रंग का होना, यह भी हाई कोलेस्ट्रॉल का लक्षण होता हैं।
  5. आँख के पुतलियों के चारों और धुंधला जैसा प्रदार्थ होना, यह भी हाई कोलेस्ट्रॉल का लक्षण हैं। ऐसे में अपना कोलेस्ट्रॉल लेवल जाँच करने की जरूरत पड़ती हैं।
  6. रीढ़ के हड्डियों के ऊपर भाग गर्दन, कंधा, सिर में दर्द और सनसनी जैसा होना और चक्कर आना ये सारे, हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने का लक्षण हैं।
  7. अधिक वजन बढ़ना, हाई कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का लक्षण हैं।
  8. भूख कम लगना, जठर अग्नि कमजोर होना, पेट हमेशा भरा महसूस होना, खाने का पाचन ठीक से नहीं होना और हाई कोलेस्ट्रॉल वाले लोगों का लेट्रिन ढीला होता हैं।
  9. ख़राब पाचन के कारण शरीर को वह ऊर्जा नहीं मिल पाता हैं जो मिलना चाहिए, जिसके कारण थकान, सुस्ती होना, हाई कोलेस्ट्रॉल का लक्षण हैं।
  10. बार-बार मूड ऑफ होना, याददाश्त कमजोर होना, डिप्रेशन और अधिक मनोविकार होना भी हाई कोलेस्ट्रॉल की लक्षण होता हैं।
  11. ख़राब लाइफस्टाइल जीना हाई कोलेस्ट्रॉल का लक्षण हैं जैसे:- ज्यादा जंक फ़ास्ट-फ़ूड खाना, शराब और स्मोकिंग करना हाई कोलेस्ट्रॉल की निशानी हैं।
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हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने के कारण (Causes of High cholesterol in Hindi)

  • अधिक कोलेस्ट्रॉल (वसायुक्त) वाले भोजन करना करना जैसे”- रेड मीट (मटन), चिकन, अंडा, मछली, दूध, पनीर और दूध से बनी मिठायाँ, इन सारे में अधिक मात्रा में कोलेस्ट्रॉल पाया जाता हैं, इसके कारण शरीर में हाई कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाती हैं।
  • लम्बे समय तक अधिक मोटे रहना भी हाई कोलेस्ट्रॉल का एक कारण हैं।
  • ज्यादा धूम्रपान, नशा, शराब और स्मोकिंग करने से भी कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ता हैं।
  • ज्यादा आलस करना, कोई काम नहीं करना और कोई वर्कआउट नहीं, इसके कारण भी हाई कोलेस्ट्रॉल बढ़ता हैं।
  • अगर किसी को मधुमेह, किडनी रोग और हाइपोथायरायडिज्म कैसे बीमारी हैं तो, उससे भी हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने का खतरा होता हैं।
  • किन्हीं-किन्हीं लोगों में खानदान के कारण भी हाई कोलेस्टॉल होने की समस्या होती हैं, अगर उनके दादा का हो या फिर उनके माता-पिता में हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या हैं तो, उनके बच्चों में भी हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या होती हैं।
  • रोज कसरत नहीं करना, इसके कारण से भी कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ता हैं।
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हमारे शरीर में सामान्य कोलेस्ट्रॉल लेवल कितनी होनी चाहिए? (Normal Levels of cholesterol in human body in Hindi)

जब हम डॉक्टर के पास अपना कोलेस्ट्रॉल लेवल जाँच के लिए जाते हैं तो, डॉक्टर कुल कोलेस्ट्रॉल लेवल के साथ-साथ LDL कोलेस्ट्रॉल, HDL कोलेस्ट्रॉल, VLDL कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स भी शामिल होता हैं। कोलेस्ट्रॉल की जाँच लिपिड प्रोफाइल टेस्ट से पता चलता हैं।

अगर आप 20 साल से अधिक हैं तो कम-से-कम 5-6 साल में एक बार जरूर अपना कोलेस्ट्रॉल जरूर जाँच करवाएँ और अगर आपको हृदय संबंधित, हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल और हाई ब्लड-प्रेशर की समस्या हैं तो साल में कम-से-कम 1 बार जरूर अपना कोलेस्ट्रॉल जरूर करें।

नेशनल लाइब्रेरी ऑफ़ मेडिसीन के अनुसार एक आदमी सामान्य स्तर के 200 mg/dL होनी चाहिए और अगर किसी को दिल का रोग, हाई ब्लड-प्रेशर, मोटापा, किडनी रोग और किसी भी प्रकार का नशा करते हैं तो, ऐसे में आपको अपना कोलेस्ट्रॉल लेवल 130 mg/dL से नीचे रखना चाहिए।

अगर 200 से 240 mg/dL तक कोलेस्ट्रॉल लेवल हैं तो यह हाई कोलेस्ट्रॉल माना जाता हैं और अगर 240 mg/dL से अधिक कोलेस्ट्रॉल हो जाता हैं तो इसे बहुत ज्यादा हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल माना जाता हैं, इसके कारण हाई ब्लड-प्रेशर, मोटापा और ह्रदय रोग होने की संभावना बढ़ जाता हैं।

LDL (ख़राब कोलेस्ट्रॉल) का स्तर

  • LDL कोलेस्ट्रॉल 70 से 130 mg/dL से नीचे हैं तो, यह सामान्य माना जाता हैं।
  • अगर 130 से 160 mg/dL तक हैं तो यह हाई लेवल के आसपास माना जाता हैं।
  • अगर 160 से 190 mg/dL तक हैं तो ऐसे हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल माना जाता हैं।
  • अगर 190 mg/dL से अधिक LDL कोलेस्ट्रॉल लेवल हैं तो, यह बहुत अधिक हाई लेवल माना जाता हैं। 190 mg/dL से अधिक LDL कोलेस्ट्रॉल लेवल नहीं होनी चाहिए।

HDL (अच्छा कोलेस्ट्रॉल) का स्तर

इसकी मात्रा हमारे शरीर में 40 से 60 mg/dL तक होनी चाहिए, अगर इससे अधिक हैं तो और अच्छा होता हैं। अगर 40 mg/dL से कम हैं तो ह्रदय संबंधित समस्या हो सकती हैं।

VLDL (ख़राब कोलेस्ट्रॉल) का स्तर

VLDL भी एक ख़राब कोलेस्ट्रॉल हैं जो हमारे शरीर में 2 से 30 से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।

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हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल के नुकसान (Side Effects of high cholesterol in Hindi)

हमारे शरीर में ख़राब कोलेस्ट्रॉल अधिक मात्रा में बढ़ने से, हमारे शरीर के रक्त कोशिकाओं में जमा हो जाता हैं, जिससे खून धमनियों में जमा हो जाता हैं, जिसके कारण शरीर के विभिन्न अंगों में खून का संचार अच्छे से नहीं हो पाता हैं। यह खून का थक्का जमना जैसे समस्या जो जन्म देती हैं। इस रूप को एथेरोस्क्लेरोसिस भी कहते हैं। इसके कारण कई तरह की समस्या होती हैं जैसे:-

  • दौरा पड़ना
  • ह्रदय घात और ह्रदय रोग
  • ब्लड-प्रेशर की समस्या
  • छाती में दर्द
  • लकवा की शिकायत
  • किडनी रोग
  • किसी भाग के धमनियों में कोलेस्ट्रॉल का जमा होना
  • दिमाग असंतुलन होना

हाई कोलेस्ट्रॉल को कम कैसे करें (How to control cholesterol level in Hindi)

हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल को अपने खानपान में बदलाव, अच्छी लाइफस्टाइल और कुछ दवाइयों से कम सकते हैं। दवा एक अच्छा विकल्प नहीं हैं, नेचुरल तरिके से कोलेस्ट्रॉल लेवल कम करना अच्छा होता हैं। शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने से ख़राब कोलेस्ट्रॉल अपने आप कम हो जाते हैं।

खानपान से कोलेस्ट्रॉल कम करना:-

  • कोलेस्ट्रॉल पाया जाता हैं, पशुओं से निकले खाद्य पदार्थ में जैसे:- मटन, चकन, मछली, अंडा के पीले भाग, दूध और दूध से बने चीजों में, इनका सेवन ना के बराबर करें और अगर हृदय रोग हैं तो इनका सेवन बिल्कुल ही बंद कर दें।
  • हाई फाइबर युक्त खाद्य-पदार्थ का सेवन अधिक मात्रा में करना जैसे:- हरे-पत्तेदार सब्जियाँ, फल और मोटे अनाज का सेवन अधिक करें।
  • सैचुरेटेड वसा का सेवन नहीं करना हैं, मतलब वसा कमरे के तापमान में जमता हो जैसे:- घी, डालडा, दही, दूध, पनीर और माँसाहारी भोजन।
  • ट्रांसफैट वसा का सेवन भी नहीं करना चाहिए जैसे:- बाहर के तले हुए फ़ास्ट-फ़ूड, पैकिंग आइटम, चिप्स, बिस्कुट, समोसा और चाट चोमिन।
  • मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड वसा अच्छे कोलेस्ट्रॉल के लिए अच्छा होता हैं, अगर सिमित मात्रा में सेवन करें तो जैसे:- शुद्ध सरसो तेल, सूर्यमुखी तेल, कनोला तेल और कुछ नट्स जैसे:- बादाम, अखरोट, सोयाबीन, ओट्स, काजू, पिस्ता और मूँगफली
  • ओमेगा-3 से युक्त खाद्य-पदार्थ आपके LDL कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने में मदद करता हैं। ओमेगा-3 के लिए आप साल्मन, हेरिंग और मैकेरल मछली ओमेगा-3 का अच्छा विकल्प हैं, इसके साथ-साथ अखरोट, बादाम, एवोकाडो, सेब और पिसे हुए अलसी में ओमेगा-3 अच्छे मात्रा में पाया जाता हैं।
  • हमें अपने खाने में साधारण कार्बोहायड्रेट के जगह काम्प्लेक्स कार्बोहायड्रेट को शामिल करना चाहिए। काम्प्लेक्स कार्बोहायड्रेट भोजन में हर तरह के पोषक-तत्व आते हैं जैसे:- मोटे अनाज में जो, बाजरा, रागी और राजमा, अलग-अलग दाल और सलाद, फल आता हैं और साधारण कार्बोहायड्रेट बाहर का तला भुजा और जंक फ़ास्ट-फ़ूड और पैकिंग फ़ूड आता हैं।
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अच्छी लाइफस्टाइल से कोलेस्ट्रॉल लेवल कम करना:-

  1. सुबह-सुबह 30-40 मिनट टहलना कसरत और योग करना करना।
  2. पैदल चलना और लिफ्ट की जगह सीढ़ियाँ चढ़ना।
  3. शारीरिक मेहनत करना।
  4. चाय की जगह ग्रीन टी का सेवन करना।
  5. माँसाहारी भोजन और जंक फ़ास्ट-फ़ूड नहीं खाना।
  6. स्मोकिंग और ख़राब की लत छोड़ना।
  7. मोटापा को कम करना।
  8. दोपहर खाने के बाद कुछ देर आराम जरूर करें।
  9. तनाव, चिंता मुक्त रहना।

कोलेस्ट्रॉल लेवल कम करने के घरेलू उपाय (How to control cholesterol by Home Remedies in Hindi)

  1. ग्रीन टी कोलेस्ट्रॉल लेवल और वजन को कम करने में मदद करता हैं, दिन में कम-से-कम 2-3 बार जरूर पिएँ।
  2. लहसून कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने में काफी मदद करता हैं, रोज सुबह खाली पेट लहसून के 2-3 कलियाँ खाएँ उसके बाद थोड़ा गुनगुना पानी पी लें।
  3. सफेद चावल की जगह ब्राउन चावल का सेवन करें।
  4. रेगुलर एक्सरसाइज करें और शारीरिक मेहनत करें।
  5. मैथी का दाना भी कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने में मदद करता हैं। मेथी के दाना को रात में 1-2 चम्मच पानी में डालकर छोड़ दें और उसे सुबह उस मैथी के दाने को चबाकर खा लें और उसका पानी भी पी लें, लेकिन इसकी तासीर गर्म होती हैं।
  6. गर्म पानी में लहसून, अदरक, दालचीनी और निम्बू को डालकर काढ़ा बना पी सकते हैं, यह आपके कोलेस्ट्रल लेवल कम करने में मदद करता हैं।
  7. इसबगोल के भूसी हमारे हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने काफी करती हैं, इसे पानी के साथ सेवन करें।
  8. धनिया भी हमारे कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने में काफी मदद करता हैं। धनिया को आप सॉफ, मिशरी और नारियल के साथ खा सकते हैं।
  9. एलोवीरा के जूस और उसके गुदा का सेवन कर भी कोलेस्ट्रॉल लेवल कम कर सकते हैं।
  10. आँवला भी कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने में काफी मदद करता हैं। आँवला में विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाया जाता हैं जो कोलेस्ट्रॉल को कम करने के साथ कई स्वास्थ लाभ हैं। आंवले को आप चूर्ण, जूस और मुररबा के रूप में खा सकते हैं। अगर चूर्ण के रूप में लेते हैं तो और जूस और मुररबा को सुबह के समय लें, मुररबा अगर मीठा हैं तो, उसे धो लें।
  11. लौकी के जूस पीने से कोलेस्ट्रॉल लेवल नियंत्रण रखने में मदद करता हैं।
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कुछ व्यायाम और योगा कोलेस्ट्रॉल लेवल कम कर सकते हैं-

व्यायाम और जॉगिंग-

  • साइकिलिंग करना कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने में मदद करता हैं।
  • सुबह-सुबह स्लो दौड़ना हाई कोलेस्ट्रॉल को कम करने में काफी मदद करता हैं।
  • तेरने एक अच्छी आदत हैं, इससे कोलेस्ट्रल लेवल को मदद करने में बहुत मदद करती हैं।
  • जिम में वजन उठाना और कसरत करने से कोलेस्ट्रॉल लेवल काफी कम होता हैं, जिन लोगों का उम्र अधिक हैं वह लोग अपने क्षमता के अनुसार वजन उठाएँ।
  • एरोबिक्स एक्सरसाइज करने से भी कोलेस्ट्रॉल लेवल काफी कम होता हैं।

कोलेस्ट्रॉल लेवल कम करने के योग-प्राणायाम-

योग में सूर्य नमस्कार कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम करने में काफी मदद करता हैं, सुबह-सुबह कम-से-कम 9-10 राउंड जरूर करें। कई और योग हैं जो कोलेस्ट्रॉल लेवल कम करने में मदद करता हैं जैसे:- पश्चिमोत्तानासन, जानुशीर्षासन, अर्धमत्स्येन्द्रासन, शलभासन, उत्तानपादासन और कपालभाति, इन योग-प्राणायाम के नियमित अभ्यास से आप हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल बहुत कम कर सकते हैं।

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कोलेस्ट्रॉल पाएँ जाने वाले भोजन के नाम

  • मटन (रेड मीट)
  • अंडे के पीले भाग
  • चिकन (मुर्गा के मांस)
  • मछली
  • साँप
  • दूध, दही, पनीर और दूध से बनी सारे चीज।

FAQ. (सवाल और जबाब)

Q. हाई कोलेस्ट्रॉल लेवल को बढ़ने से कैसे रोकें?

Ans:- अच्छी लाइफस्टाइल और अपने खाने में कुछ बदलाव करके अपने कोलेस्ट्रॉल लेवल को बढ़ने से रोक सकते हैं। जैसे:
1. मांसाहरी भोजन को खाना बंद कर दें जैसे;- मटन, चिकन, अंडा, मछली, दूध और दूध से बने चीज
2. रोज कसरत और योग करना
3. स्मोकिंग, शराब और किसी भी प्रकार की नशा को बंद करना।
4. वजन को सामान्य रखना।
5. अपने खाने में फाइबर युक्त भोजन को शामिल करना।

Q. कोलेस्ट्रॉल की दवा खाने से क्या होता हैं?

Ans:- कोलेस्ट्रॉल की दवा दुनिया में सबसे ज्यादा बिकने वाला दवा हैं। कोलेस्ट्रॉल की दवा जब तक खाते हैं तब तक ही कण्ट्रोल रहता हैं।कोलेस्ट्रॉल की खाने के बहुत सारे नुकसान हैं, लेकिन जो बड़े नुकसान हैं, वह हैं जो पुरुष और महिला माँ और बाप बनना हैं या फिर माँ और बाप बनने का कोशिश कर रहें हैं। उन पुरुषों और महिलाओं में माँ और बाप बनने में दिक्कत आती हैं या फिर बन भी गए तो बच्चे कई विकारों के साथ पैदा होगा। दूसरा मसल्स में खिचाव या दर्द होना। तीसरा लिवर ख़राब होने का डर। चौथा दिमाग कमजोर होना। पाँचवा मधुमेह का स्तर बढ़ जाना और छठा ब्रेस्ट कैंसर भी होता हैं।

Q. कोलेस्ट्रॉल कम करने के लिए क्या खाना चाहिए?

Ans:- सब्जियों में हरे-पत्तेदार सब्जी और फल में जिन फलों में फाइबर अच्छे मात्रा पाया जाता हैं, उन फलों का सेवन करें जैसे:- सेब, आम और अमरुद, केला और नारंगी इत्यादि और अनाज में मल्टीग्रेन आटा, दाल और चावल और मोटे अनाज का अधिक सेवन करें।

Q. कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर क्या नहीं खाना चाहिए?

Ans:- कोलेस्ट्रॉल बढ़ने पर मटन, चिकन, अंडा, मछली, दूध और दूध से बने सारे सामान।

Q. शरीर में नार्मल कितना कोलेस्ट्रॉल लेवल होना चाहिए?

Ans:- एक स्वस्थ आदमी में कोलेस्ट्रॉल लेवल 200 mg/dL से नीचे होना चाहिए और अगर किसी को दिल से जुड़ी बीमारी हैं तो उन्हें अपना कोलेस्ट्रॉल लेवल 130 mg/dL से नीचे रखना होगा।

Q. दूध से कोलेस्ट्रॉल कैसे हटाएँ?

Ans:- दूध से कोलेस्ट्रॉल हटाने के लिए पहले दूध को गर्म करें, उसके कुछ बाद जो मलाई बैठता हैं उसे बाहर निकाल लें, इस प्रक्रिया को तीन बार करें, जिससे दूध का सारा कोलेस्ट्रॉल बाहर निकल जाएगा, उसके बाद इस दूध को पिएँ। दूसरा विकल्प हैं कि बाजार में स्किम्ड मिल्क और डबल टोंड मिल्क का सेवन कर सकते हैं। यह दूध कोलेस्ट्रॉल फ्री होता हैं।

Q. कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स में क्या अंतर हैं?

Ans:- कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स दोनों एक प्रकार का वसा हैं जो ह्रदय के लिए दोनों नुकसान करता हैं। ट्राइग्लिसराइड्स थोड़ा कम नुकसान करता हैं। कोलेस्ट्रॉल में एक फैटी एसिड होता हैं और ट्राइग्लिसराइड्स में तीन फैटी एसिड होता हैं। एनिमल्स फ़ूड में कोलेस्ट्रॉल पाया जाता हैं जैसे:- मटन, चिकन, मछली, अंडा, दूध और दूध से बने सारे सामान और तेल में ट्राइग्लिसराइड्स पाया जाता हैं। जिन खाद्य-पदार्थो में तेल उसमें ट्राइग्लिसराइड्स पाया जाता हैं जैसे:- बाहर का जंक फ़ास्ट-फ़ूड और पैकिंग आइटम।

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