शीघ्रपतन का घरेलू नेचुरल और मानसिक इलाज उपचार

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इस पोस्ट में हम आपको बता रहें हैं कि, शीघ्रपतन क्या हैं इसका कारण और नेचुरल, घरेलू और मानसिक उपचार क्या हैं। (Premature Ejaculation Cure in Hindi) शारीरिक संबंध (Sex) रखते समय एक सामान्य समय से पहले लिंग से वीर्य बाहर निकल जाता हैं, उसे शीघ्रपतन कहते हैं। यह पुरुषों में होने वाले एक कॉमन सेक्सुअल समस्या हैं। खोजकर्ताओं के अनुसार ऐसा पाया गया हैं कि, 30-40% पुरुषों में कभी-न-कभी शीघ्रपतन की समस्या पाया जाता हैं।

किन्हीं-किन्हीं लोगों में सेक्स करते समय 15 सेकण्ड, किन्हीं में 30 सेकण्ड और किन्हीं में 60 सेकण्ड से भी कम समय में डिस्चार्ज हो जाता हैं। किन्हीं-किन्हीं लोगों में लिंग योनि में डालने से पहले ही डिस्चार्ज हो जाता हैं और किसी का लिंग योनि में डालने के बाद एक-दो घर्षण के बाद डिस्चार्ज हो जाते हैं। 
 
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यह सामान्य समय क्या हैं, इसमें कई तरह की बातें कही जाती हैं। पहले कही जाती थी कि, समय से फर्क नहीं पड़ता हैं। सेक्स करते समय जबतक दोनों पार्ट्नर संतुस्ट महसूस न करें और उससे पहले अगर लिंग से वीर्य बाहर निकल जाता हैं, उसे शीघ्रपतन कहते हैं। यह भी कहा जाता था कि, अगर आप सेक्स करते समय लिंग को अगर योनि में बहुत-स्पीड में घर्षण करते हैं तो, उसके कारण से भी शीघ्रपतन होता हैं। 
 
हाल में ही कुछ साल पहले DSM जो एक अमेरिकन साइकियाट्रिक एसोसिएशन हैं, उसनें यह खोज किया कि, अगर सेक्स करते समय अगर 1 मिनट से कम समय में लिंग से वीर्य बाहर निकल जाता हैं, उसे शीघ्रपतन कहेंगें। किन्ही-किन्ही लोगों में सेक्स करने से पहले, जब वह फॉर प्ले कर रहें होते हैं, उसी समय शीघ्रपतन हो जाता हैं।  

शीघ्रपतन के बारे में गलतफेमियाँ 

शीघ्रपतन का एक कॉमन कारण यह हैं कि, अपने आप से उम्मीद से ज्यादा सेक्स करने की इच्छा करना। लोग अक्सर ब्लू फिल्म (Porn Movie) में देखते हैं कि, वह लोग सेक्स बहुत देर 30-40 मिनट करते हैं तो, उनको लगता हैं कि, उनके सेक्स करने का समय के मुकाबले, अपना सेक्स का समय बहुत कम हैं और अपने आप को शीघ्रपतन का रोगी मानते हैं। 80% से 90% लोग मानसिक समस्या के कारण शीघ्रपतन के भम्र में जीते हैं। सेक्स करते समय पति अगर डिस्चार्ज हो जाएँ और पत्नी संतुस्ट न हो तो, उससे भी लगता हैं कि, वह शीघ्रपतन का शिकार हैं। 
 
दूसरी और कई ऐसे अपने दोस्तों होते हैं जो, सेक्स की बातें करते हैं। एक-दूसरे का कहना हैं कि, उनका सेक्स इतना-इतना समय तक होता हैं, उनमें किसी एक लगता हैं कि, उनका सेक्स कम देर तक का हैं तो, उनको भी लगता हैं कि, उन्हें शीघ्रपतन की समस्या हैं। दूसरी और बिना शादी-सुदा लोग भी अपने आप को शीघ्रपतन की समस्या बताते हैं। वह लोग अपने हस्तमैथुन को समय के साथ गिनती करते हैं और उनका समय कम होता हैं तो, उनको लगता हैं कि वह भी शीघ्रपतन से पीड़ित हैं, जबकि हस्तमैथुन से शीघ्रपतन का दूर-दूर तक कोई कनेक्शन नहीं हैं। 
 

शीघ्रपतन होने के कारण 

शीघ्रपतन होने के कई कारण होते हैं। अगर लिंग में अचानक तनाव बहुत तेज गति से आता हैं तो, उन लोगों में जल्दी डिस्चार्ज होने की समस्या होती हैं। अगर आपको किसी तरह का नशे और ड्रस की लत हो तो, उनको भी शीघ्रपतन की समस्या हो सकती हैं।
 
ऐसा भी कहा जाता हैं कि, कुछ लोगों में एक नियम सा बन जाता हैं कि, यदि कुछ लोगों में अगर 5 मिनट में डिस्चार्ज होना हैं तो, वह 5 मिनट सेक्स करने के बाद ही डिस्चार्ज होगा। अगर कुछ लोगों में 10 मिनट और कुछ लोगों 1 मिनट में डिस्चार्ज होना हैं तो, वह उतने ही समय में डिस्चार्ज होगा। 
 
शीघ्रपतन की क्रिया सीधे हमारे दिमाग से जुड़े होते हैं। हमारे दिमाग के पीछे हिस्से में हार्मोन होते हैं, जिसे हम सेरिटोन कहते हैं। अगर इसका कमी हो जाता हैं तो, शीघ्रपतन की समस्या हो जाता हैं। अच्छा और स्वादिस्ट खाना खाने से सेरिटोन हार्मोन में वृद्धि होती हैं।
 
यह वही हार्मोन जो, यदि आपको तनाव, टेंशन, स्ट्रेस और डिप्रेशन होता हैं तो, यही हार्मोन का कमी होता हैं। इसलिए अगर आप तनाव, टेंशन, स्ट्रेस और डिप्रेशन में रहते हैं तो, तब भी आपको शीघ्रपतन की समस्या हो सकती हैं। मतलब की तनाव, टेंशन, स्ट्रेस, डिप्रेशन और शीघ्रपतन कई मामलों में साथ-साथ चलते हैं। 
 
अगर किसी को लिंग में किसी तरह का समस्या या चाहें वह बचपन से ही लिंग में कोई समस्या हो तो, उन लोगों में भी शीघ्रपतन की समस्या हो सकती हैं। शीघ्रपतन की समस्या उन लोगों में भी होता जो, यंग अवस्था में सेक्स वर्कर या अपने पार्टनर साथ जल्दी-जल्दी सेक्स करते हैं, ताकि कोई देख न लें। उसके जल्दी-जल्दी के कारण भी शीघ्रपतन की समस्या हो सकती हैं।
 
अगर लिंग में तनाव की कमी हो तो, उससे भी शीघ्रपतन की समस्या होती हैं। अगर आप कभी-कभी सेक्स करते हैं और आपके सेक्स करने के दिनों में ज्यादा अन्तर रहता हैं तो, उसके कारण भी शीघ्रपतन हो सकती हैं। 
 
जिन्होंने बचपन में हस्तमैथुन गलत तरीके और अगर हस्तमैथुन करते समय लिंग को बहुत तेजी के साथ घर्षण करते हैं तो, उसमे भी शीघ्रपतन की समस्या हो सकती हैं। जो लोग बचपन में बिस्तर पर पेशाब कर देते हैं, उन लोगो को भी शीघ्रपतन की समस्या होती हैं।
 
जिन लोगो के शरीर में टेस्टोट्रोन हार्मोन की कमी हो जाती हैं, उनको भी शीघ्रपतन की समस्या हो जाती हैं। जिन लोगों का लाइफस्टाइल और खान-पान सही नहीं रहता हैं, जो लोग ज्यादा बाहर का खाना, जंक, फास्टफूड  कोल्डड्रिंक खाते-पीते हैं, उन लोगों में शीघ्रपतन की समस्या होती हैं। 
 
कई बीमारियों के कारण भी शीघ्रपतन की समस्या हो सकती हैं जैसे:- अच्छी नींद नहीं लेना, इसके कारण शीघ्रपतन की समस्या हैं। कम-से-कम 7 से 8 घंटे का अच्छी और गहरी नींद लें। जिन लोगों को शुगर की समस्या, थाइरोइड की समस्या, हार्ट की कोई समस्या हो तो, हाई ब्लड-प्रेशर की समस्या और हाई-कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ने के कारण, शीघ्रपतन की समस्या हो सकती हैं। पत्नी अगर पति को ऐसी बात बोल दें, जिससे उनमें आत्मा को ढेस पहुँचें,  इससे भी शीघ्रपतन की समस्या हो सकती हैं। 

शीघ्रपतन से होने वाले समस्या 

शीघ्रपतन के कारण सबसे बड़ी समस्या होती हैं कि, आप सेक्स का भरपूर आनंद नहीं लें पाते हैं। शीघ्रपतन के कारण आप अपने पत्नी को सेक्स के प्रति संतुस्ट नहीं कर पाते हैं। आपसे आपकी पत्नी उदास रहती हैं और आप भी अपने-आप से खुश नहीं रहते हैं और धीरे-धीरे पत्नी और पति के रिश्तों में दरार बढ़ने लगता हैं। पत्नी को सेक्स का भरपूर आनंद नहीं मिलने पर, वह दूसरे के साथ संबंध बनाने के लिए तैयार हो जाती हैं। शीघ्रपतन के कारण आत्मविश्वास कम हो जाता हैं। पति और पत्नी में तलाक तक भी नोवत आ जाती हैं। 
 
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शीघ्रपतन के उपचार (Treatment of Premature Ejaculation)

शीघ्रपतन लोगों में दो तरह का होता हैं। एक तो वह जो, जब से सेक्स करना चालू करता हैं, तब से उसमें शीघ्रपतन की समस्या होती हैं, जिसे हम लाइफ लॉन्ग (Life Long) शीघ्रपतन कहते हैं और दूसरा कुछ लोगों में  पहले तो समय ठीक था, लेकिन शादी के 4-5 साल बाद शीघ्रपतन की समस्या होने लगती हैं, जिसे हम अक्वायर्ड (Acquired) शीघ्रपतन कहते हैं। जिन लोगों में शीघ्रपतन की समस्या शुरू से हैं, उनका उपचार आसानी से जाता हैं और जिन लोगों में ये समस्या बाद में होती हैं, उनका उपचार करने में समय लगता हैं।
 
शीघ्रपतन का इलाज कई तरीके से किया जाता हैं। 
 
नेचुरल तरीका:- 
 
नेचुरल तरीका में जो पहला तरीका हैं, उसे हम स्टॉप एंड स्टार्ट तकनीक (Stop and Start Technique) कहते हैं। इस तरीका में जब आप सेक्स करें हैं, उस समय जब आपको हल्की-सी भी महसूस लगें कि, अब वीर्य बाहर निकल जायगा, तब अचानक सेक्स करना 15-20 सेकंड तक रुक जाना हैं। इससे होगा कि जो डिस्चार्ज होने की गति थी, वह रुक जायगी और 20 सेकंड के बाद जब आप फिर से सेक्स करेगें तो 1-2 मिनट तक फिर से सेक्स कर पाएँगे। 
 
उसके बाद फिर से यहीं प्रक्रिया करना हैं। फिर से लगें अब डिस्चार्ज होने वाला हैं तो, आप फिर से 15-20 सेकंड तक रुक जाएँ, उससे फिर से डिस्चार्ज होने वाले वीर्य गति रुक जायगी। इस तरीके से आप सेक्स करने समय को बहुत हद तक बढ़ा सकते हैं। इस तरीका में सबसे महत्वपूर्ण चीज हैं, वह हैं समय।
 
अगर आप वीर्य गति को रोकने में 1 सेकंड भी देर कर देते हैं तो, वह डिस्चार्ज हो जायगा। अगर आप सेक्स करना रुक भी जाते हैं तो भी। इसलिए हल्की सी भी महसूस हो कि, अब डिस्चार्ज होने वाला हैं तो, अचानक रुक जाना हैं। 
 
नेचुरल तरीका में जो दूसरा तरीका हैं, उसे हम स्क्वीज़ तकनीक (Squeeze Technique) कहते हैं। इस तरीके में होता हैं कि, जब आपको हल्की-सी भी महसूस हो कि, अब डिस्चार्ज होने वाला हैं, उस समय लिंग के ऊपरी भाग को अंगूठा और बगल के दो ऊँगली से दबाना हैं। दबाना इस तरह से कि, ज्यादा जोर भी न हो और ज्यादा धीरे भी न हो।
 
ज्यादा जोर से दबाने से दर्द भी हो सकता हैं। तबतक दबाएँ जब आपको लगे कि, वह डिस्चार्ज होने कि जो प्रक्रिया थी, वह रुक गई हो। इस तरीका को भी करके काफी हद तक समय को बड़ा सकते हैं। इस तरीका को करने से पहले, अगर आप किसी मेडिकल प्रोफ़ेसर के पास सीख ले तो अच्छा होगा। 
 
नेचुरल तरीका में जो तीसरा तरीका हैं, उसे हम कीगल एक्सरसाइज कहते हैं। कीगल एक्सरसाइज का इस्तेमाल किया जाता हैं, अपने नाभी के नीचे लिंग के आसपास के मसल्स को मजबूत करने के लिए। कीगल एक्सरसाइज करने से हमारे लिंग से जुड़े और उसके आसपास मसल्स को मजबूत करता हैं, जिसे हम पेल्विक फ्लोर मसल्स कहते हैं।  जिससे जल्दी डिस्चार्ज होने के समय को बढ़ाता हैं और शीघ्रपतन के समस्या में लाभ होता हैं। 
 
नेचुरल तरीका में जो चौथा तरीका हैं, उसे हम नये अंदाज़ में सेक्स करना कहते हैं। जब किसी पति और पत्नी के सादी के 2-3 साल हो जाते हैं और एक ही नियम के अनुसार जब सेक्स करते हैं तो, वह एक दूसरे सेक्स के प्रति बोरिंग लगने लगता हैं। उस बोरिंग के कारण जो, पुरुष पार्ट्नर होता हैं, वह सेक्स करने में ध्यान नहीं जाता हैं। सेक्स में फोकस नहीं होने के कारण, इससे हमारा नर्वस सिस्टम प्रभावित होता हैं। जिसके कारण लिंग में तनाव की कमी होती हैं और शीघ्रपतन हो जाता हैं। 
 
यह सेक्स के प्रति बोरिंग ख़त्म करने के लिए, आप सेक्स करने का अंदाज़ बदलें। फोरप्ले लम्बे समय तक करें। अलग-अलग पोजीशन में सेक्स करें। अपने रूम को अच्छे माहौल में बदलें। जो वर्षों से सेक्स करने का एक तरीका अपना रहें हैं, उसे नये अंदाज़ में बदलना हैं। अलग-अलग जगहों में सेक्स करें। अपने महिला पार्ट्नर से रोमांटिक बातें करें। रूम में अच्छी लाइट, अच्छी खुशबू और कपड़े भी सेक्स करने पर निर्भर करती हैं। किसी सेक्सोलॉजिस्ट से मिलकर भी इनके बारें में जानकारी लें सकते हैं। 
 
नेचुरल तरीका में जो पाचवां तरीका हैं, उसे हम पहले हस्तमैथुन करना कहते हैं। अगर आप सेक्स करने से 2-3 घण्टे पहले हसमतेथून कर लेते हैं तो, उससे भी कुछ सेक्स करने के समय बढ़ती हैं। 
 
नेचुरल तरीका में जो छठा तरीका हैं, उसे हम कंडोम उपयोग करना कहते हैं। कुछ ऐसे कंडोम्स आते हैं, जिसे हम क्लाइमेक्स कण्ट्रोल कंडोम्स कहते हैं। इस कंडोम्स में कुछ ऐसे दवा लगा रहता हैं, जो सेक्स करने के समय में  कुछ बढ़ोतरी होती हैं। 
 
नेचुरल तरीका में जो सातवां तरीका हैं, उसे हम टॉप पोजीसन में सेक्स करना कहते हैं। सेक्स करते समय अगर अपने पार्टनर को ऊपर रखते हैं तो, उससे भी सेक्स करने के समय में कुछ वृद्धि होती हैं। 
 
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मानसिक उपचार (Mental Therapy in Hindi)

80 से 90% लोगों में शीघ्रपतन की समस्या मानसिक बिमारियों के कारण होता हैं। उनसे बाहर निकलने के लिए, अपने अंदर अच्छे आदतों को लाना हैं और बुरी आदतों को छोड़ना हैं। नेगेटिव सोच को पॉजिटिव सोच में बदलें। 
 
1. अपने आप पर भरोसा नहीं करना:-
 
दोस्तों किसी कारण वस, सेक्स करते समय आपका समय ठीक नहीं रहता हैं और शीघ्रपतन हो जाता हैं तो, हम हम मानसिक रूप से बीमार होने लगता हैं। जिससे हम अपने ऊपर भरोसा नहीं करते हैं कि, हम ठीक से सेक्स कर पायेंगें कि नहीं। जब हम अपने ऊपर भरोसा कम करने लगते हैं। उसके कारण हमें एंग्जायटी होने लगती हैं 
 
और एंग्जायटी के कारण, हमारा पेरासिम्पैथेटिक एक्टिविटी कम हो जाती हैं और सिम्पैथेटिक एक्टिविटी बढ़ जाती हैं। सिम्पैथेटिक एक्टिविटी बढ़ने के कारण, सेक्स करने का समय कम हो जाता हैं और शीघ्रपतन हो जाता हैं। एंग्जायटी के कारण, डिस्चार्ज थ्रेशोल्ड जो होता हैं, वह कम हो जाता हैं और थ्रेशोल्ड कम होने के कारण शीघ्रपतन हो जाता हैं। 
 
अपने आप पर विश्वास नहीं करना, ये जैसे-जैसे बढ़ते जाता हैं, वैसे-वैसे शीघ्रपतन की समस्या भी लम्बे समय तक चलती हैं। ये जो अपने आप पर विश्वास नहीं करना, यह एक मानसिक बीमारी हैं। जिसके कारण, शीघ्रपतन भी लम्बे समय तक होती हैं, इसलिए हमें अपने आप विश्वास नहीं करना, इसे अपने दिमाग से निकालना हैं। 
 
इस तरह के गलत सोच आते ही, उसे सही सोच में बदलना हैं। अपने आत्मविश्वास को बढ़ाना हैं। हमेशा अपने आप से कहना हैं कि, में स्वस्थ हूँ। हमारे अन्दर कोई कमी नहीं हैं। में अच्छे से सेक्स कर सकता हूँ। में शारीरिक और मानसिक तौर पर बिलकुल ठीक हूँ। 
 
2. सेक्स करने से बचना:-
 
जब आपका शीघ्रपतन हो जाता हैं तो, आप सेक्स करने से बचने लगते हैं। तब आप सेक्स नहीं करते हैं और आप बहाने बनाने लगते तो, आपका डर और बढ़ने लगता हैं। जब आपका डर बढ़ता हैं और आप सेक्स करने जाते हैं तो फिर से एंग्जायटी होता हैं और सिम्पैथेटिक नर्वस सिस्टम चालू होता हैं और शीघ्रपतन हो जाता हैं। सेक्स से बचना यह भी मानसिक समस्या हैं। इसलिए सेक्स करने से डरना नहीं हैं। सेक्स के प्रति जो डर हैं, उस डर को बार-बार दूर भगाना हैं। 
 
3. दिमाग को सही जानकारी (Information) देना:- 
 
हमारे अन्दर जितने भी विचार (Thought) आते हैं, वह सभी सही जानकारी होनी चाहिएँ। हम इधर-उधर, दोस्तों से और इंटरनेट से इतने गलत जानकारी सुन लेते हैं। उसके कारण हमारे दिमाग के अन्दर कई गलत विचार चलने लगता हैं। हमें उन गलत विचार को सही करना होता हैं। हमें सही जानकारी अपने दिमाग को देना होता हैं। 
अगर हम सही जानकारी अपने आप को नहीं देते हैं तो, हमारा पहला समस्या अपने आप पर भरोसा नहीं करना और दूसरा समस्या सेक्स करने से बचना, यह समस्या लगातार चलते रहता हैं। इसलिए अपने आप को जो सही जानकारी हैं, वही दें। इसके लिए आप किसी सेक्सोलॉजिस्ट और साइकोलोजिस्ट मिलकर सही जानकारी लें। 
 
अगर आप अपने आप को सही जानकारी नहीं देते हैं तो, उसके कारण हमारे दिमाग के अन्दर, कोई बात कन्फर्म नहीं हो पाना, यह और बढ़ने लगता हैं। कन्फर्म जानकारी नहीं के कारण, हमारे अन्दर और एंग्जायटी बढ़ती हैं और एंग्जायटी के कारण शीघ्रपतन की समस्या लगातार होती रहती हैं। 
 
इसलिए हमेशा अपने आप को सही जानकारी देते रहना हैं। जबतक हम अपने आप को सही जानकारी नहीं देंगें, तबतक हमारा पहला आदत आपने आप भरोसा नहीं करना और दूसरा आदत सेक्स करने से बचना, इन समस्याओं से छुटकारा नहीं पा सकते हैं। 
 
अपने अन्दर जिनते भी गलत विचार आते हैं जैसे:- आपने आप पर भरोसा नहीं करना, सेक्स करने से डर, नकारात्मक सोच, इन सारे विचारों को चैलेंज करें। जैसे-जैसे इन विचारों को सही करते चलें जाएँगे। वैसे-वैसे आपको अपने ऊपर भरोसा बढ़ेगा। आपका अपने ऊपर भरोसा बढ़ेगा तो, एंग्जायटी कम हो जाएगी। 
 
जैसे-जैसे एंग्जायटी कम होगी। उससे आपका सिम्पैथेटिक एक्टिविटी कम होगी और पेरासिम्पैथेटिक एक्टिविटी बढ़ेगी और जैसे-जैसे पेरासिम्पैथेटिक एक्टिविटी बढ़ेगी तो आपका शीघ्रपतन की समस्या कम हो जायगा। आपका शीघ्रपतन थ्रेशोल्ड बढ़ जाएँगी और जैसे ही शीघ्रपतन थ्रेशोल्ड बढ़ेगा। आपका सेक्स करने का समय, वह भी बढ़ जाएगा।
 

CBT द्वारा मानसिक उपचार:-

किसी व्यक्ति को मानसिक बीमारी के करण, शीघ्रपतन की समस्या कैसी होती हैं। अगर कोई व्यक्ति जब पहली बार सेक्स करता हैं और उनका शीघ्रपतन हो जाता हैं तो, उसके दिमाग में कई तरह के गलत विचार आने लगते हैं। क्योंकि वह इधर-उधर, अखबार और दीवारों में लिखें पड़ते थे की बचपन की गलतियाँ के कारण होने वाले रोग, और उनको लगता हैं कि, में बचपन में हस्तमैथुन किया हूँ इसके कारण, हमारे अन्दर कुछ कमियाँ हैं, इसके कारण मुझे शीघ्रपतन की समस्या हैं। इसके कारण वह एक अलग डर में चला जाता हैं। 
 
उस डर के कारण, उनको लगता हैं कि, हमारे अन्दर कोई कमी हैं। हमारा जिन्दगी ख़राब हो गया। हम सेक्स में अपने बीवी को संतुष्ट नहीं कर पाएँगें। हमारा जीने का किया मतलब हैं और उसके अन्दर आत्महत्या जैसे विचार आने लगते हैं। इस गलत विचार के कारण, हमारे अन्दर एंग्जायटी बढ़ती हैं और एंग्जायटी का कारण , हमारा पेरासिम्पैथेटिक एक्टिविटी कम होती हैं और सिम्पैथेटिक एक्टिविटी बढ़ती हैं। सिम्पैथेटिक एक्टिविटी बढ़ने के कारण, हमें सेक्स करते समय शीघ्रपतन की समस्या होती हैं। 
 
ये सारे समस्या मानसिक बीमारी होती हैं। शीघ्रपतन के मानसिक समस्या के कारण, आप सेक्स करने से बचने लगते हैं। किसी लड़की के बीच में जाने से घबराने लगते हैं। आपको नींद की समस्या रहने लगती हैं और घबराहट, दिल धड़कना, साँस और घुटने जैसी समस्या भी होती हैं। आप पढ़ने और किसी काम में मन नहीं लगा पाते हैं। लेकिन आप डॉक्टर से इलाज करवाते हैं तो, आपका सारा जाँच सामान्य (नॉर्मल) होता हैं। ऐसी स्थिति में आप CBT  अभ्यास करके शीघ्रपतन की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं। 
 
CBT एक प्रकार का थेरेपी हैं, जिसे हम दिमाग का व्यायाम करने वाला भी कह सकते हैं। इस थेरेपी में हमारे अन्दर जिंतने भी गलत विचार हैं, उनके जगह में अच्छे विचार लाना। CBT में किया जाता हैं कि, क्या प्रूफ हैं कि, हमारे अन्दर कोई कमी हैं। हमारे जाँच तो नार्मल हैं। हमें पहली बार शीघ्रपतन इसलिए हुआ था कि, उस समय हम ऐसी जगह सेक्स कर रहें थे कि, हमारे अन्दर एक डर बना था कि, कोई देख ना लें और वह जगह भी सुरक्षित नहीं था और हम जल्दी में भी थे। 
 
हम कई बार इधर-उधर सुन कर, अखबार के विज्ञापन और रास्तें के बगल दीवारों में लिखें रहते थे कि, बचपन के गलतियों के कारण होने समस्या जैसी के कारण हमारे अन्दर एक डर बना था और आप कभी-कभी हस्तमैथुन किये रहते हैं तो, उसके कारण डर और बढ़ जाता हैं। इस तरह के आपके अन्दर जितने भी गलत विचार हैं, उसको सही विचार में बदलना CBT के जरिये संभव हैं। 
 
आपको हमेशा अपने दिमाग को सिंग्नल देना हैं कि, हमारे अन्दर कोई कमी नहीं हैं। में बिलकुल स्वस्थ हूँ और में अच्छे से सेक्स कर सकता हूँ। अपने आप से कहना कि, यह मेरा शारीरिक समस्या नहीं हैं, यह एक मानसिक बीमारी हैं। सेक्स करने के पहले अपने आप को आरामदायक माहौल में ढालना हैं, जैसे ही एक-दो बार सेक्स का समय अच्छा होगा, वैसे ही आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा और मानसिक बीमारी के कारण, होने वाले शीघ्रपतन की समस्या धीरे-धीरे ठीक होने लगेगा। 
 

शीघ्रपतन के घरेलू उपचार (Home Remedies for Premature Ejaculation)

  • चार दाना खजूर का, 10 दाना बादाम का, एक चम्मच शुद्ध शहद और आधी चम्मच खसखस लेना हैं, खसखस सफेद रंग का दाना होता हैं। इन चारों को मिलाकर पीसकर पेस्ट बना लें। इनका सेवन दिन में 2 बार करना हैं। एक बार सुबह खाली पेट और एक बार सेक्स करने से 2 घण्टे पहले लेना हैं। इसके सेवन से शीघ्रपतन की समस्या में बहुत फायदा मिलती हैं। 
  • आपको लेना हैं एक चम्मच अश्वगंधा, एक चम्मच शतावर और एक चम्मच मिशरी का पावर लेना हैं। ध्यान रखें कि मधुमेह रोगी मिशरी के गुड़ का इस्तेमाल करें, क्योंकि गुड़ का ग्लिसेमिक इंडेक्स कम होता हैं। गुड़ पाचनतंत्र को भी ठीक रखता हैं। इन तीनों को मिक्स करके रख लेना हैं। इन चूरन को एक चम्मच सुबह और एक चम्मच शाम को लेना हैं। इसके सेवन से शीघ्रपतन के समस्या के साथ-साथ वात-दोष को भी कम करता हैं। 
  • सुबह एक चम्मच चने का दाल भिगों कर शाम तक छोड़ देना हैं। रात को सोते समय दाल को छान लेना हैं। उसके बाद उसमें एक चम्मच गुड़ मिलाना हैं। इसे रात को सोने से पहले खाना हैं। ध्यान रखें की, इसको खाने से 30 मिनट पहले और 30 मिनट बाद कुछ नहीं खाना हैं। इसके सेवन से शरीर में शुक्र धातु को बढ़ाता हैं और शीघ्रपतन जैसी समस्या में लाभ देती हैं। 
  • सतावर, आसगंद, सफेद मूसली, सालमपंजा और बिना छिलके वाले कोच के बीज को एक साथ मिलाकर, इसे कूटकर पीस लेना हैं। इसे एक चम्मच गर्म दूध के साथ सेवन करना हैं। शीघ्रपतन की समस्या में आराम मिलता हैं।
  • दालचीनी और दालचीनी का तेल शीघ्रपतन में लाभ देती हैं। दालचीनी का पाउडर चाय में डालकर पिने से, यह हमारे शरीर का तापमान सामान्य रखता हैं। जिससे हमारे शरीर में खून का दौरा सही रहता हैं और शरीर में खून का दौरा सही रहने के कारण, शीघ्रपतन की समस्या में आराम मिलता हैं। अगर तेल का उपयोग करते हैं तो, शरीर में मालिस करें। 
  • मखाने को भुनने के बाद उसे पीसकर, उसे देशी घी में भूनकर, उसे एक से दो चम्मच गर्म दूध के साथ लेने से शीघ्रपतन की समस्या ख़त्म होती हैं।
  • उड़त की दाल पीसकर, उसे देशी घी में भूनकर उसमें बराबर मात्रा में देशी खांड मिलाकर एक से दो चम्मच सुबह-शाम गाय के दूध के साथ लेने से शीघ्रपतन की समस्या ख़त्म होती हैं। 
  • एरंडी का तेल (Castrol Oil) और मल तेल से लिंग के ऊपरी हिस्से में मालिस करने से, शीघ्रपतन की समस्या दूर होती हैं। मालिस करने का तरीका पीछे से आगे कि खीचें। जिस तरह हस्तमैथुन करते हैं, उस तरह नहीं करना हैं। 
  • तरबूज में सिट्रुलिन पाये जाते हैं, जिससे यह शीघ्रपतन और नामर्दी में बहुत आराम मिलता हैं। शीघ्रपतन में आप गाढ़े तरबूज का रस का सेवन जरूर करें। 
  • सहजन (मोरिंगा) का ताजे पत्ते का पाउडर, सहजन का सांभर या सहजन को सब्जी रूप में भी सेवन करने से पुरूषों और महिलाओं में यौन-संबंधी समस्या को ठीक करता हैं। सहजन से सेवन से शीघ्रपतन और नामर्दी दोनों समस्या दूर होती हैं। 
  • जायफल का पाउडर आप एक से दो चुटकी रात में सोने से पहले गर्म दूध के साथ सेवन करने से शीघ्रपतन की समस्या को दूर करता हैं। 
  • लहसून में एलिसिन पाया जाता हैं जो, स्वस्थ रहने, सेक्स जीवन और शीघ्रपतन काफी लाभ मिलती हैं। सुबह खाली पेट एक से दो कली दवाई के रूप में ले सकते हैं। अगर आप स्माइल के कारण, लहसून खाना पसन्द नहीं हैं तो, आप लहसून शुद्ध देशी घी में पकाकर रख लें और सुबह-सुबह एक चम्मच गर्म पानी के साथ लें। 
  • गाजर में भरपूर मात्रा में बीटा-कैरोटीन पाया जाता हैं। लोग गाजर का सेवन आँख और त्वचा के फायदे के लिए करते हैं, लेकिन गाजर का सेवन शीघपतन की समस्या में भी किया जाता हैं। गाजर को आप जूस, हलवा, सूप, सलाद, सब्जी किसी रूप में खा सकते हैं। 
  • शीघ्रपतन की समस्या में प्याज का सेवन करना बहुत अच्छा होता हैं। हरा या सफेद दोनों प्याज कच्चा के रूप में खाने से शीघ्रपतन को दूर करता हैं। 
  • भिंडी का सेवन शीघ्रपतन के इलाज में किया जाता हैं। एक चम्मच भिंडी के पाउडर को गर्म दूध में मिलाकर सोने से पहले पिने से शीघ्रपतन की समस्याओं में बहुत सुधार होता हैं। एक महीना में परिणाम देखने मिलने लगता हैं। 
  • 4-5 ग्राम तुलसी के जड़ को पीसकर पान में मिलाकर खाने से शरीर में शुक्र धातु बढ़ती हैं और शीघ्रपतन की समस्या को दूर करता हैं। 
  • आपको जिंक और मैग्नीशियम से भरपूर खाना खाएँ। खोजकर्ताओं के अनुसार कहा गया हैं कि, जिन लोगों के शरीर में जिंक और मैग्नीशियम की कमी होती हैं। उन लोगों में शीघ्रपतन की समस्या रहती हैं। अगर आपको दवा खाना पसन्द नहीं हैं तो, आप खान-पान से इन चीजों का पूर्ति कर सकते हैं। जिंक के लिए आप झींगा मछली, हरी पत्तेदार सब्जियाँ, सूरजमुखी के बीज, कददू के बीज और मशरूम का सेवन कर सकते हैं। मैग्नीशियम के लिए बादाम, काजू, सोया, सोया का दूध, सोया पनीर, पालक और डार्क चॉकलेट का भी सेवन कर सकते हैं। 
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शीघ्रपतन में इन चीजों का सेवन नहीं करें

कुछ ऐसे चीज जिनका सेवन आप अगर करते हैं तो, शीघ्रपतन की समस्या हो सकती हैं। शीघ्रपतन में पैकेट वाला खाना जिसमें ज्यादा फ्रेजरवेटिव होता हैं, उनका सेवन नहीं करना चाहिए। जैसे:- मैगी, पिज़ा, बर्गर, चीज, चौमिन, पेस्टी, कोल्ड्रिंग, खट्टी चीजों का और नशे में सिगरेट, ड्रग्स, शराब जैसी चीजों का सेवन करने से बचना चाहिए।
 

दवाइयों द्वारा शीघ्रपतन का इलाज (Treatment of Premature Ejaculation with Medicines in Hindi)

दवाइयों में अंग्रेजी दवाइयों, आयुर्वेदिक दवाइयाँ  होम्योपैथिक दवाइयाँ द्वारा किया जाता हैं। कुछ ऐसे स्प्रे, कंडोम और सर्जरी द्वारा भी शीघ्रपतन का इलाज किया जाता हैं। 
 
किसी भी प्रकार का दवाइयों का सेवन करने से पहले आप एक अच्छे डॉक्टर या एक अच्छे सेक्सोलॉजिस्ट से मिलकर ही किसी प्रकार का दवाइयों का सेवन करें। क्योंकि हर रोगी अलग का होता हैं। सब का शरीर एक जैसा नहीं होता हैं। किन्हीं को लम्बे समय तक दवाई खानी पड़ती हैं, किन्हीं को कम दिन और किन्हीं को सेक्स करने से 1-2 घंटे पहले लेना होता हैं। बिना डॉक्टर के सलाह से कोई दवाई लेने पर, आपके शरीर में दवाइयों का बुरा असर पड़ सकता हैं। 
 
 

FAQ. ( शीघ्रपतन से जुड़े पूछे गए सवाल और जबाब)

 
Q. क्या शीघ्रपतन की समस्या हस्तमैथुन से हो सकता हैं?
Ans:- हस्तमैथुन करने से शीघ्रपतन की समस्या नहीं होती हैं। लेकिन हस्तमैथुन करने के गलत तरीके से शीघ्रपतन की समस्या हो सकती हैं। हस्तमैथुन हाथ या किसी तकिये से सहारे से अगर आप बहुत तेजी घर्षण करते हैं तो वह जल्दी का आदत लग जाती हैं, क्योंकि हस्तमैथुन करते समय उसे डर रहता हैं कि, कोई देख न लें। इसलिए हस्तमैथुन लोग जल्दी-जल्दी करते हैं, लेकिन जब वह सेक्स करने जाता हैं तो, वहाँ भी जल्दी हो जाता हैं। जिसे हम शीघ्रपतन कहते हैं। 
 
Q. क्या शीघ्रपतन के कारण पिता बनने में कोई समस्या हो सकती हैं?
Ans:- नहीं शीघ्रपतन के कारण पिता बंनने में कोई परेशानी नहीं हैं, अगर वीर्य यौनि के अन्दर बराबर जाती हैं तो। 
 
Q. क्या शीघ्रपतन की दवाइयाँ खाने से बच्चे पर कोई बुरा असर पड़ सकता हैं?
Ans:- अगर पिता कोई ऐसी दवा का सेवन कर रहा हैं तो बच्चे पर कोई बुरा असर नहीं पड़ता हैं। हाँ अगर माँ ऐसी कोई भी दवा का सेवन कर रहा हैं तो बच्चे पर बुरा असर पड़ सकता हैं। 
 
Q. शीघ्रपतन के लिए अँग्रेजी और आयुर्वेद में से कौन-सी दवा अच्छा होता हैं?
Ans:- अँग्रेजी और आयुर्वेद में कौन-सा दवा अच्छा होगा यह कहना मुश्किल हैं। हर आदमी का शरीर अलग-अलग होता हैं और समस्या भी किसी में कम और किसी में ज्यादा होता हैं। किसी को अँग्रेजी दवा से अच्छा परिणाम मिलता हैं किसी को आयुर्वेदिक दवा से अच्छा परिणाम मिलता हैं, लेकिन आयुर्वेद दवा में बीमारी जड़ से ख़त्म करने का क्षमता रहता हैं। कोई भी दवा लेने से पहले एक अच्छे डॉक्टर या सेक्सोलॉजिस्ट से सलाह लेनी चाहिए। 
 
Q. शीघ्रपतन का लक्षण क्या हैं?
Ans:- सेक्स करते समय अगर आप वीर्य 1 मिनट से पहले निकल जाता हैं या योनि में लिंग डालने से पहले भी आप वीर्य बाहर निकल जाता हैं, यह शीघ्रपतन लक्षण हैं। 
 
Q. क्या रोड के बगल में बेचने वालों से शीघ्रपतन का आयुर्वेद दवा लेना सही होगा। 
Ans:- इन लोगों के पास बहुत लोग दवाइयाँ लेते हैं। बहुत को लाभ होती हैं तो बहुत को नुकसान होती हैं। बहुत लोग ऐसे होते हैं, जो अपने से बिना किसी डॉक्टर या सेक्सोलॉजिस्ट से मिले कई तरह का दवा का सेवन करने लगते हैं, जिससे वह अपने शरीर को बर्बाद कर लेते हैं इसलिए कोई दवा लेने से पहले डॉक्टर से सलाह जरूर लें। 
 
 
(नोट:- अगर आपको इस पोस्ट में कुछ जानकारियाँ नहीं मिली हो तो, कमेंट जरूर करें और इस पोस्ट को अधिक लोगों के साथ शेयर करें)
 
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