आम खाने के 18 फायदे और नुकसान | पत्तियों और गुठली के फायदे

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आज हम इस पोस्ट में बताएँगे की आम खाने के फायदे और नुकसान और आम की तासीर किया हैं। (Mango Benefits and Side Effects in Hindi) गर्मी के दिनों का सबसे लोकप्रिय फल आम हैं। गर्मी के दिनों में हमलोग इसे बड़े चाह से खाते हैं। आम हमें कई तरह के स्वास्थ लाभ देती हैं। आम के साथ-साथ आम के पत्ते और गुठली बहुत लाभकारी होता हैं। आम के पत्ते और लकड़ी पूजा-पाठ में इस्तेमाल किया जाता हैं। आम फलों का राजा हैं और राष्ट्रीय फल भी हैं। आम स्वाद में खट्टा और मीठा होता हैं।

 
आम की तासीर गर्म होती हैं, लेकिन बारिस के बाद जो आम बाजार में आती हैं, उसका तासीर ठंडी हो जाती हैं या फिर आम लाने के बाद उसे 3-4 घंटे के लिए पानी में डूबाकर छोड़ दें, उसके बाद खाएँ। आम खाने के बाद दूध और जामुन खाने से आम की गर्मी काफी कम हो जाती हैं। आम के लकड़ियों के कई तरह के घरेलू सामान बनता हैं जैसे:- दरबाजा, पलंग, कुर्सी और टेबुल।

 
 
आम का मेडिकल नाम मैंगीफेरा इंडिका (Mangifera Indica) हैं। आम दो तरह का होता हैं। एक चूसकर खाने वाला और दूसरा काटकर खाने वाला, जो आम चूसकर खाने वाला होता हैं, वह पौधा आम के बीज से लगाया जाता हैं और जो आम काटकर खाने वाला होता हैं, वह पौधा कलम काटकर लगाया जाता हैं। चूसकर खाने वाला आम जल्दी पचता हैं और काटकर खाने वाला आम लेट से पचता हैं। आम का सेवन अधिक मात्रा में नहीं करना चाहिए। बूढ़े आदमी को चूसने वाला आम खाना अच्छा होता हैं। 
 
आम भारत के हर क्षेत्र आसानी से उपलब्ध हैं। आम के अनेक नाम हैं, इसलिए आम को भारत के अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग नाम सेजाना जाता हैं। संस्कृत में कुल आम के 60 से भी ज्यादा नाम हैं। विश्व में सबसे ज्यादा आम उत्पादन करने वाला देश भारत हैं। दूसरे नम्बर पर चीन, तीसरे पर थाइलैंड, चौथे पर मेक्सिको, पांचवें पर इंडोनेशिया और छठे पर पाकिस्तान हैं। भारत अकेले विश्व का 42% आम का पैदावार करता हैं।
 
भारत का वह राज्य जहाँ सबसे ज्यादा आम का पैदावार होता हैं। वह राज्य हैं:- आंध्र-प्रदेश, उत्तर-प्रदेश, बिहार, गुजरात, कर्नाटक और पक्षिम-बंगाल। भारतीय आम विदेशों में भी बहुत पसंद किया जाता हैं। जिससे भारतीय निर्यात को काफी लाभ होती हैं। भारतीय आम कम-से-कम 6 दिन तक खराब नहीं होती हैं। इसलिए उसे लम्बी दूरी तक भेज पाते हैं। पाँच ऐसे देश जहाँ भारत सबसे ज्यादा आम निर्यात करता हैं। वह देश हैं:– संयुक्त अरब अमीरात (UAE), यूनाइटेड किंगडम (UK), अमेरिका (USA), ओमान और कतर। 

आम के कुछ महसूर प्रजातियाँ 

भारत में कुल 1500 से भी ज्यादा आम की प्रजातियाँ पायी जाती हैं, लेकिन सारे का नाम बताना संभव नहीं हैं। आज हम आम के कुछ महसूर प्रजातियाँ का नाम बताएँगे:-
 
अल्फांसो (रत्नागिरी, बादामी):- यह आम सबसे कर्नाटक में पाया जाता हैं। इस आम को आमों में राजा माना जाता हैं। यह खाने में भी बहुत मीठा होता हैं। यह आकर में एक आम 200 से 300 ग्राम तक होता हैं। यह दर्जन के हिसाब से बिकता हैं। एक दर्जन का कीमत कम-से-कम 800 रुपया से भी ज्यादा होता हैं। विदेशों में सबसे ज्यादा यही आम भेजा जाता हैं। 
 
केसर:- यह आम गुजरात का महसूर आम हैं। यह अल्फांसो के बाद दूसरा सबसे अच्छा आम होता हैं। यह आम भी दूसरे देशों में भेजा जाता हैं। खाने में बहुत मीठा होता हैं। 
 
चौसा:- यह आम सबसे ज्यादा उत्तर-प्रदेश और बिहार में महसूर हैं। चौसा आम में सबसे ज्यादा मीठा होता हैं। इस आम में थोड़ा अजीब तरह का स्माइल होता हैं, इसके कारण कुछ लोग इसे खाना पसंद नहीं करते हैं।
 
लंगड़ा:- यह आम बिहार, उत्तर-प्रदेश और पश्चिम बंगाल में पाया जाता हैं। यह आम कच्चा में बहुत खट्टा होता हैं और पकने के बाद बहुत मीठा होता हैं। पकने के पीला और हरा होता हैं। यह गोल आकार का होता हैं। यह आम का इस्तेमाल जूस बनाने में किया जाता हैं। यह आम 30 से लेकर 50 रुपया किलों बिकता हैं। 
 
दशहरी:- यह आम मुर्शिदाबाद, लखनऊ ( उत्तर-प्रदेश) उत्तराखंड में पाया जाता हैं। यह लम्बा आकार का होता हैं। यह पकने के बाद पीला और हरा होता हैं। यह आम जून और जुलाई के महीनों में आता हैं। यह 50-60 रुपया किलों बिकता हैं।