पानी पिने का सही तरीका, सही समय और कितना पीना चाहिए?

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इस पोस्ट में हम बता रहें हैं कि, पानी पिने का सही तरीका और कब और कितना पीना चाहिए। (Right way of Drinking Water in Hindi) पानी हमारे शरीर के संरचना (बनावट) के लिए जरूरी हैं। पानी बिना तो कुछ भी संभव नहीं हैं। हम भोजन के बिना तो रह सकते हैं, लेकिन पानी के बिना जीना संभव नहीं हैं। मनुष्य के साथ-साथ जानवर, पेड़ और पक्षी कोई भी बिना पानी का जीवित नहीं रह सकता हैं। यह धरती भी पानी के बिना बंजर हो जाती हैं। 
 
यह धरती हैं 70% पानी की मात्रा हैं, लेकिन इसमें ज्यादातर पानी खरा हैं, मात्र  2-3% पानी ही पीने योग्य हैं। इतने पानी में ही अपने रोज जरूरत और सिचाई के लिए उपयोग किया जाता हैं। हर किसी को पीने योग्य और साफ पानी नहीं पहुँच पाता हैं। प्रदूषित पानी को ही पीने योग्य बनाया जाता हैं। 

पानी पीने का सही तरीका 

जब हम गिलास पानी से पीते हैं, तो हम तब तक नहीं रुकते जब तक गिलास का पानी खत्म नहीं हो जाता। यह पानी पीने का गलत तरीका है। जिस तरह से हम चाय, कॉफी और गर्म दूध पीते हैं, उसी तरह पानी पीना चाहिए। पानी हमेशा घूँट-घूँट पीना चाहिए। ऐसा करने से मुँह की लार पेट में जाने पेट का अम्ल शांत रखता हैं। 
 
पानी पिने का सही तरीका, कब, कितना, वजन घटाना
 
 
पानी हमेशा पूरा बैठकर पियें, खड़े होकर, जल्दी-जल्दी पानी पीने से, हमारी किडनी इसे ठीक तरह से फिल्टर नहीं कर पाती है। कोशिश करें कि प्लास्टिक की बोतल से पानी न पिये। गर्दन ऊपर करके कभी भी बोतल से पानी नहीं पीना चाहिए। मुंह से हटाकर बोतल से पानी पीने से पानी के साथ-साथ बाहरी प्रदूषण भी हमारे शरीर में प्रवेश कर जाती है।

कितना पानी पीना चाहिए

हमारे शरीर में 65-70 प्रतिशत पानी होता है। वयस्क के शरीर में 65%, छोटे बच्चे के शरीर में 80% और बूढ़े के शरीर में 50% पानी होता हैं। मलतब कि, अगर आपका वजन 90 किलों हैं तो उसमें 65 किलों पानी हैं। जैसे ही हमारे शरीर में पानी की कमी होती है, पेशाब का रंग पीला पड़ जाता है, पाचन-तंत्र कमजोर पढ़ जाती है। शरीर और त्वचा का रंग रूखापन हो जाता हैं। 
 
दिनभर में 2 लीटर पानी पसीना, मल, पेशाब और सांस के जरिए बाहर निकल जाता हैं। एक आदमी को दिन भर में कितना पानी पीना चाहिए, यह उस आदमी के स्वास्थय, उस जगह के मौसम, जहाँ वह रहता है, उसका वजन और उसकी दिनचर्या पर निर्भर करता है।
 
एक सामान्य व्यक्ति को दिन भर में कम से कम 2.5 से 3 लीटर पानी जरूर पीना चाहिए। एक सामान्य गिलास से 7-8 गिलास पानी पीना चाहिए। पानी पीना हमारे के वजन पर भी निर्भर करता हैं, अगर आपका वजन 60 किलों हैं तो आपको 3 लीटर पानी पीना चाहिए और अगर 80 किलों वजन हैं तो 4 लीटर पानी पीना चाहिए। 
 
एक बार में 250 ग्राम पानी ही पीना चाहिए। गर्मी के दिनों में हम पानी की मात्रा बढ़ा सकते हैं। अधिक पानी पीने से हमारी किडनी की काम बढ़ जाती है, और रक्त में सोडियम का स्तर कम हो सकता है। हमेशा सामान्य ताप का ही पानी पिये । बहुत ठंडा और फ्रीज़ का रखा पानी नहीं पीना चाहिए।

पानी कब नहीं पीना चाहिए?

भोजन से ठीक पहले और भोजन के तुरंत बाद पानी नहीं पीना चाहिए। खाना खाते समय बीच-बीच में एक-दो घूंट ही पी सकते हैं। बिना प्यास लगे पानी नहीं पीना चाहिए। हमें रात को सोते समय ज्यादा पानी नहीं पीना चाहिए, क्योंकि रात में हमारा शरीर कार्य नहीं रहा होता है, इसलिए कोशिश करें कि दिन में ही पानी की मात्रा पूरी कर लिया जाए।
 
पेशाब करने के तुरंत बाद पानी नहीं पीना चाहिए। अगर आप ऐसा करते हैं, तो आपको बार-बार पेशाब आने की समस्या हो सकती है। पेशाब नहीं रोक पाने की समस्या भी हो सकती है। शरीर की नसें भी सिकुड़ जाती हैं। कुछ फल और सब्जियां खाने के तुरंत बाद पानी नहीं पीना चाहिए जैसे – खीरा, टमाटर, केला, तरबूज, अनार, संतरा और अन्य फल खाने के बाद भी नहीं पीना चाहिए। साथ ही इन चीजें के साथ भी जैसे– पानी, कॉफी, सूप पीने के तुरंत बाद नहीं पीना चाहिए।

पानी पीने का सही समय

सुबह उठते ही बिना ब्रश किये और शौचालय जाने से पहले कम से कम 2 गिलास पानी जरूर पीना चाहिए। ऐसा करने से मुँह की लार पेट के अन्दर जाने से शरीर में बनने वाले जहरीले पदार्थों को बाहर निकाल जाती है और पेट भी पूरी तरह से साफ हो जाती है। खाने से 45 मिनट पहले और बाद में 1-1 गिलास पानी पीना चाहिए। रात को थोड़ा सा पानी पिये। रात को पानी की जगह दूध का सेवन करना चाहिए। दो बार पानी पीने के बीच में 1 घंटे का अन्तर रखें।
 
अगर आप धूप या जिम से आते हैं, तो एक बार में पूरा गिलास भरकर पानी न पिएं। आपको गिलास का केवल 1/4 भाग ही पीना चाहिए, क्योंकि उस समय आपके शरीर का तापमान अधिक रहता है। एक्सरसाइज करने के 30 मिनट बाद आप एक गिलास पानी पी सकते हैं। व्यायाम करते समय कम मात्रा में ही पानी पीना चाहिए।

पानी पीने के फायदे (Benefits of Water in Hindi)

हमें जीवित रहने के लिए पानी की आवश्यकता पड़ती है। हम भोजन के बिना कई दिनों तक जीवित रह सकते हैं, लेकिन पानी के बिना नहीं। पानी हमारे चेहरे पर चमक लाता है। पानी हमारे शरीर में जोड़ों के दर्द और कमर दर्द को होने से रोकता है। पानी वजन कम करने में भी मदद करता है। पानी भोजन को पचाने में मदद करता है और कब्ज को भी खत्म करता है।
 
पानी की आवश्यक मात्रा का सेवन करने से हमारे शरीर में ऊर्जा बनी रहती है। हमें जरूरत मात्रा में पानी पीना चाहिए, उसकी वजह से हम कम बीमार पड़ते हैं। पानी हमें हार्ट-अटैक से बचाता है। आवश्यक मात्रा में पानी का सेवन करने से हम किडनी की पथरी से बचते हैं। शरीर में पानी की कमी भी नहीं होती है।

गलत तरीके से पीने के पानी की हानि

गलत तरीके से पानी पीने से होने वाले रोग :- हर्निया, अपेंडिसाइटिस और हाइड्रोसील। प्यास लगने पर पानी जरूर पिएं। प्यास लगने पर पानी नहीं पीने से शरीर में 58 रोग आते हैं। बिना प्यास लगे पानी नहीं पीना चाहिए। खाना खाने के तुरंत बाद पानी पीने से हमारा पेट ठंडा हो जाता है। जिससे खाना पच नहीं पाता है।
 
पानी पीने के फायदे
 
 
आयुर्वेद के अनुसार भोजन के सड़ने से 103 रोग हमारे शरीर में आते हैं। जैसे– गैस, एसिडिटी, अल्सर, बवासीर, भगन्दर, कैंसर और पेट में खाना न पचने से भी कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ता है। शरीर में वात की मात्रा बढ़ जाती है, वात शरीर के कई हिस्सों में जलन पैदा करती है।

पानी की मात्रा अधिक पाए जाने वाले फल और सब्जी 

  • सलाद पत्ता: 96% पानी 
  • अजवाइन: 95% पानी 
  • तोरी: 95% पानी 
  • पत्ता गोभी: 92% पानी 
  • तरबूज: 91% पानी 
  • खरबूज: 90% पानी 
  • मीठा तरबूज: 90% पानी 
पानी की कमी से होने वाले समस्या 
  • खून में एथेथरो नाम कि कोशिका होता हैं, इन्हें अगर पानी नहीं मिलें तो यह सिकुड़ कर मर जाती हैं। उसी प्रकार अगर हमारे मांसपेशियाँ को पानी नहीं तो वह 70% तक सिकुड़ सकती हैं। उसी प्रकार हमारा मष्तिक का भी होगा, क्योंकि हमारा मष्तिक भी 70% पानी से बना हैं। 
  • पानी की कमी से सर में दर्द होता हैं, गला सूखने लगता हैं और त्वचा में रूखापन और झुर्रियाँ रहता हैं। 
  • पानी कम पीने से वजन बढ़ता हैं। 
  • पानी की कमी से हमारा रोग-प्रतिरोधक कमजोर होने लगता हैं और जमा गंदिगी भी बाहर नहीं निकलता हैं। 
  • पानी की कमी के कारण भोजन का पोषक तत्व ठीक से नहीं मिल पाता हैं। 
  • पानी कम पीने से कब्ज,गैस और एसिडिटी की समस्या होती हैं। 

FAQ. (पानी से जुड़े सवाल और जबाब)

Q.उषापान क्या हैं ?
ANS:- सुबह उठते ही पानी पीने को आयुर्वेद में उषापान कहा गया है। अपने दिन की शुरुआत पानी से करें। उषापान का समय सुबह 4-5 बजे है। अगर आप सुबह 4-5 बजे नहीं उठ पाते हैं, तो आप जब उठें तब पानी पीएं। कम से कम 2 गिलास पानी पिए और धीरे-धीरे इसे 4 गिलास तक ले कर जाये। 
 
सुबह वात का समय होता है। अगर आप वात को समान रखना चाहते हैं, तो सुबह उठकर पानी पीने से मुँह की लार पानी के साथ पेट में चली जाती है और यह लार वात को समान रखती है। जो वात से होने वाले समस्या से दूर रखता है। ऐसा करने से कब्ज की समस्या भी नहीं होती है।
 
Q. खड़े होकर पानी पिने से क्या होता हैं?
ANS:- खड़े होकर पानी पिने से पानी हमारे फ़ूड पाइप के जरिये तेजी से नीचे गिरता हैं, जिसके कारण पेट के दीवार और आसपास के जगहों को नुकसान पहुँचता हैं। खड़े होकर पानी पिने से किडनी से संबंधित समस्या होती हैं और पेट से संबंधित भी बीमारी उत्पन्न होती हैं। खड़े होकर पानी पिने से हाइड्रोसील जैसी समस्या होती हैं। खड़े होकर पानी पिने से हमारा ऑटोनोमिक नर्वस सिस्टम (Autonomic Nervous System) ख़राब होता हैं। 
 
Q. पिने वाला पानी का Ph मान कितना होना चाहिए?
ANS:- पिने वाला पानी का Ph मान 7 होता हैं। एनवायर्नमेंटल प्रोटेक्शन एजेंसी ऑफ़ USA (EPA) और ब्यूरो ऑफ़ इंडियन स्टैण्डर्ड (BIS) के अनुसार पानी का Ph मान 6.5 से लेकर 8.5 तक का पानी पीना सुरक्षित माना जाता हैं। 
 
Q. पीने वाला पानी का TDS मान कितना होना चाहिए?
Ans:- WHO के अनुसार पीने वाला पानी का TDS मान 300 से 500 के बीच होना चाहिए। 
 
(नोट:- अगर आपको इस पोस्ट में कुछ जानकारियाँ नहीं मिली हो तो, कमेंट जरूर करें और इस पोस्ट को व्हाट्सप्प में अधिक लोगों के साथ शेयर करें)
 
 

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