मक्का या भुट्टा खाने 16 फायदे और नुकसान, पोषक तत्व

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मक्का का परिचय:-
इस पोस्ट में हम आपको बता रहें कि मकई के भुट्टा उनके बाल और पॉप कॉर्न खाने के फायदे और नुकसान क्या हैं। (Corn Benefits and Side Effects in Hindi) मकई का भुट्टा भी एक स्वस्थ भोजन के रूप में जाना जाता हैं। इसमें कई ऐसे विटामिन, मिनिरल्स और एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर होता हैं जो, कई बिमारियों से बचाने में मदद करता हैं। मकई को कई तरह से खाते हैं लेकिन इनका ज्यादा फायदा सर्दियों और बारिस के दिनों में आग में पका कर भुट्टा के रूप में खाते हैं और मक्का को उबाल कर भी खाने का फायदा लेते हैं। मक्का में विटामिन A, C, E, B3, B5, B6, और  B9 पाया जाता हैं।
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मक्का के साथ-साथ मक्का के बालों के भी अनेक लाभ हैं। मकई मोटे अनाज की गिनती आती हैं। कोमल मकई जिसे हम आग में सेक खाते है, उसकी तासीर ठंडी होती हैं, बाद में सूखने और पकने के बाद इसकी थोड़ी तासीर गर्म हो जाती हैं। मक्का प्रोटीन का एक अच्छा श्रोत हैं। 
 
मक्का का मेडिकल नाम जी मेज़ (Zea Mays ) हैं और अंग्रेजी में कॉर्न और मेज़ कहते हैं। हरे और बड़े मकई का पत्ता और डंठल दोनों पशुओं का चारा के रूप में इस्तेमाल किया जाता हैं। मकई पकने के बाद उनके डंठल, गुठली और छिलका सारे जलावन के रूप में उपयोग किया जाता हैं। मकई का उपयोग कई खाने वाले पैकिंग फ़ास्ट-फ़ूड को बनाने में किया जाता हैं। मकई का तेल भी निकाला जाता हैं। 
 
मक्का कई प्रकार के होते हैं। हमलोग ज्यादातर लाल, पीला और सफेद वाला देखते हैं। यह देखने में लम्बा, छोटा और गोल भी होता हैं। यह स्वाद में रसेला और मीठापन होता हैं। किसी मकई का स्वाद कुछ ज्याद मीठा हैं, जिसे हम स्वीट कॉर्न कहते हैं। मक्का रूखापन अनाज होता हैं इसलिए इसे किसी मक्खन या किसी दूसरे चीज से खाना चाहिए। मक्का को फल माना जाता हैं। मक्का के पेड़ की लम्बाई 5 से 8 फुट तक होती हैं।

मक्का का इतिहास (History of Corn)

मक्का को लगभग 10,000 साल पहले दक्षिणी मैक्सिको में वहाँ के लोगों के द्वारा पहली बार फसल के रूप में उगाया गया। मक्का की खेती पूरी दुनिया में की जाती हैं। देश में मक्का की खेती सबसे ज्यादा अमेरिका में की जाती हैं, दूसरे में चीन और भारत मक्के के उत्पादन सातवाँ स्थान में आता हैं। भारत में बिहार, आंध्र-प्रदेश, कर्नाटक, राजस्थान और उत्तर-प्रदेश इन राज्यों में मक्के की खेती अधिक मात्रा में किया जाता हैं। 
 

मकई (मक्का) के भिन्न-भिन्न प्रकार (Different types of Maize)

मकई के स्वाद और रंग के अनुसार अलग-अलग नाम से जाना जाता हैं। यह नाम इस प्रकार हैं। 
 
पॉप कॉर्न- नाम से पता चलता होगा कि, इसका इस्तेमाल पॉप कॉन बनाने में किया जाता होगा। यह कॉर्न गर्म करने पर फैलने और फूलते हैं इसलिए इसका इस्तेमाल पॉप कॉन बनाने में किया जाता हैं। 
 
स्वीट कॉर्न- इस कॉर्न मीठा की श्रेणी में आती हैं। यह कॉन बाज़ार और दुकानों में ज्यादा मिलते हैं। 
 
व्हाइट कॉर्न- यह देखने में सफेद होता हैं। इसका इस्तेमाल फ़ास्ट-फ़ूड और चिप्स बनाने में किया जाता हैं। 
 
हाई एमाइलोज़ कॉर्न- इस प्रकार के कॉर्न में स्टार्च की मात्रा होती हैं। इसका इस्तेमाल कपड़े और धागे बनाने में किया जाता हैं। 
 
रेड कॉर्न- इस प्रकार के मक्का में अखरोट जैसा स्वाद होता हैं। इसका भी स्वाद मीठा होता हैं। 
 
ओर्नामेंटल कॉर्न- इस प्रकार का मक्का भारतीय श्रेणी में आता हैं, जो अलग-अगल रंग-रूप में देखने को मिलता हैं। 
 
ब्लू कॉर्न- इसका उपयोग पैकिंग खाने वाले सामान को बनाने में किया जाता हैं, खासकर चिप्स और कुरकुरे। 
 
येलो डेंट कॉर्न- इस मक्का का प्रयोग इथेनॉल बनाने में किया जाता हैं, जो एक प्रकार का अल्कोहल हैं, इसे पेट्रोल में मिलाया जाता हैं। उसके बाद यही पेट्रोल गाड़ियों में इस्तेमाल किया जाता हैं। 
 

मक्का के अलग-अलग भाषाओं में नाम 

हिंदी नाम- मकई, मक्का और भुट्टा 
अँगेजी- कॉर्न और मेज़ 
ओड़िआ- मक्का और बूटा 
संस्कृत- मकाय, कांडज, शिखालू और महाकाय 
उर्दू- मक्का और जावरी 
उत्तराखंड में- भुट्टा और मूंगरी 
गुजराती- मकई और मक्करी 
कोंकणी- मैओ 
कन्नड़- मुश्रकोजोला और  मेक्केजोल 
तमिल- चोलम और मक्का 
तेलगू- मक्का और जोन्नालू 
बंगाली- भूटिया और जनर 
नेपाली- मकेई 
मराठी- बूटी और मक्का 
पंजाबी- मक्की 
मलयालम- चोलम 
मणिपुरी- चूजाक 
पर्शियन- बाजरी 
अरबी- खालवान 
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मकई में पायें जाने वाले पोषक तत्व (Nutrients found in Corn)

100 ग्राम सॉफ्ट या उबला मकई के पोषक तत्व:-
 
  • कैलरीज- 125 (कोमल और सॉफ्ट मकई)
  • कैलरीज- 345 (पकने और सूखने के बाद) 
  • कार्बोहायड्रेट- 24 (कोमल और सॉफ्ट मकई)
  • कार्बोहायड्रेट- 86 (पकने और सूखने के बाद)
  • पानी- 75%
  • फाइबर- 3 ग्राम 
  • प्रोटीन- 3.5 ग्राम 
  • वसा- 1.5 ग्राम 
  • फॉस्फोरस 
  • मैग्नीशियम 
  • पौटेशियम 
  • सेलेनियम 
  • फॉस्फोरस 
  • मैंगनीज़ 
  • आयरन 
  • ताँबा 
  • जिंक 
 
विटामिन और मिनिरल्स:-
 
  • विटामिन A (बीटा-केरोटीन)
  • विटामिन C
  • विटामिन E
  • विटामिन B6
  • पैंटोथेनिक एसिड (B5)
  • फॉलिक एसिड (B9)
  • नियासिन (B3)
 
एंटीऑक्सीडेंट पोषक तत्व:-
 
  • फेरूलिक एसिड 
  • ज़ीएक्सान्थिन
  • एन्थोकायनिन 
  • फाइटिक एसिड 
  • ल्यूटिन 
 

मक्का का भुट्टा खाने के फायदे (All Benefits of Corn)

1. अल्जाइमर और डिमेंशिया रोग-
 
अल्जाइमर और डिमेंशिया एक प्रकार का दिमाग से जुड़ी समस्या हैं, जिसमें व्यक्ति के दिमाग को नुकसान करता हैं। अल्जाइमर और डिमेंशिया से पीड़ित व्यक्ति अपना काम ठीक से नहीं कर पाता हैं और उसका याददाश्त कमजोर हो जाता हैं। मकई के भुट्टा में विटामिन B कॉम्पलेक्स होता हैं जो अल्जाइमर और डिमेंशिया की समस्या होने से रोकता हैं। 
 
2. बुढ़ापे को रोकना- 
 
जो लोग समय से पहले बूढ़ा होने लगते हैं, उनके लिए मकई का भुट्टा और उबला हुआ मकई खाने से बहुत लाभ मिलती हैं। मकई में एंटीऑक्सीडेंट, कैरोटीनॉयड और ल्यूटिन होता हैं जो हमें जल्दी बुढ़ापे होने से रोकता हैं। खासकर पीले मीठा मक्का में ये पोषक ज्यादा मात्रा में पाया जाता हैं। 
 
3. आँखों के लिए-
 
मकई के भुट्टा में ज़ीएक्सान्थिन (Zeaxanthin) और विटामिन A पाया जाता हैं जो आँखों के लिए बहुत अच्छा होता हैं। जिन लोगों की आँखों की रौशनी कम हो गई हैं और बार-बार उनके चश्में की नंबर बदलता हैं, उन लोगों को मक्के का भुट्टा का सेवन जरूर करना चाहिए। 
 
4. कैंसर सेल- 
 
मक्का में अनेक प्रकार का एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन मिनिरल्स गुण भरपूर मात्रा में पाया जाता हैं, जो हमारे शरीर में कैंसर सेल बनने से रोकता हैं और होने वाले कोलन कैंसर और कई तरह के कैंसर से बचाता हैं। खासकर आपको पकाया, उबला और मक्के की रोटी आपके लिए बहुत फायदेमंद होता हैं। 
 
5. बलवर्धक और शुक्रवर्धक-
 
अगर आप मकई को आग में पकाकर या फिर उबालकर खाते हैं तो, यह हमारे शरीर में कमजोरी को ख़त्म करता हैं और हमारे शरीर में वीर्य को बढ़ाने का काम करता हैं। मकई के भुट्टा में कई ऐसे एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन और मिनिरल्स गुण पाये जाते हैं जो शरीर में ताकत और वीर्य बढ़ाने में मदद करता हैं। 
 
6. गर्भवती महिलाओं में:-
 
मकई के भुट्टा में आयरन, फॉलिक एसिड और कार्बोहायड्रेट जैसे कई ऐसे गुण पायें जाते हैं जो गर्भवती महिलाओं और बच्चे दोनों के लिए बहुत अच्छा होता हैं। गर्भवती महिलाओं में हुए खून की कमी को पूरा करता हैं और बच्चे को पोषक भी मिलता हैं। 
 
7. कब्ज में लाभ-
 
मक्का में फाइबर अत्यधिक मात्रा में पाया जाता हैं जो हमें कब्ज से राहत देने में काफी मदद करता हैं। अगर आप मक्का को किसी भी प्रकार से सेवन करते हैं तो ये हमें कब्ज की समस्या से दूर रखता हैं। कब्ज के कारण होने वाले समस्या पेट फूलना, गैस बनना और पेट में भारीपन जैसी समस्या नहीं होती हैं। 
 
8. वजन कम करना:- 
 
मकई का भुट्टा और उबला हुआ मक्का में फाइबर भरपूर मात्रा में और कैलरीज कम मात्रा में पाया जाता हैं जो वजन कम करने में मदद काफी मदद करता हैं। 
 
9. पाचन के लिए अच्छा-
 
मकई का भुट्टा और उबला हुआ मकई पाचन-तंत्र के लिए बहुत अच्छा होता हैं, क्योंकि मकई में फाइबर अधिक मात्रा में पाया जाता हैं जो हमारे पाचन-तंत्र को ठीक रखने में मदद करता हैं। जो हमलोग खाते हैं उसको पचने में मदद करता हैं। अगर खाना ठीक से नहीं पचे तो पेट में भारीपन और गैस, एसिडिटी की समस्या होती हैं। 
 
10. सर्दी-खाँसी और जुकाम-
 
मकई के भुट्टा और उबला हुआ मक्का में विटामिन C भरपूर मात्रा में पाया जाता हैं जो होने वाले सर्दी-खाँसी और जुकाम में सेवन करने से बहुत लाभ मिलती हैं। सर्दियों में मकई का भुट्टा पका कर खाने बहुत फायदेमंद होता हैं।
 
11. ब्लड-प्रेशर को नियंत्रण करना-
 
मकई के भुट्टा में पौटेशियम पाया जाता हैं जो हमारे शरीर के ब्लड-प्रेशर को सामान रखने में मदद करता हैं और ब्लड-प्रेशर के कारण होने समस्या को दूर रखता हैं। 
 
12. कोलेस्ट्रॉल लेवल-
 
मकई में फाइबर अत्यधिक मात्रा में पाया जाता हैं, जो हमारे शरीर में ख़राब कोलेस्ट्रॉल LDL और VLDL को कम करता हैं और अच्छा कोलेस्ट्रॉल HDL बढ़ाता हैं। ख़राब कोलेस्ट्रॉल के कारण हमारे शरीर में खून का दौरा सही नहीं रहता हैं, जिसके कारण दिल से जुड़ी बीमारी होने का खतरा रहता हैं। 
 
13. लिवर के लिए अच्छा-
 
मकई का भुट्टा खाना और उबला हुआ मक्का खाना लिवर के लिए भी बहुत अच्छा होता हैं। कोमल (सॉफ्ट) मकई में पानी भरपूर मात्रा में पाया जाता हैं और इसकी तासीर ठंडी होती हैं जो लिवर के लिए अच्छा होता हैं और लिवर को भी मजबूत बनाता हैं। 
 
14. एनीमिया (खून की कमी):-
 
मकई के भुट्टा में आयरन अधिक मात्रा में पाया जाता हैं जो शरीर में हुए खून की कमी को भी पूरा करता हैं। जिन लोगों के शरीर में खून की कमी हैं वह लोग मकई का भुट्टा का सेवन जरूर करें, खासकर गर्भवती महिला को भुट्टा का सेवन जरूर  चाहिए। 
 
15. त्वचा और बालों के लिए:-
 
मकई के सेवन करने से त्वचा और बाल के बहुत अच्छा होता हैं। मकई के भुट्टा में विटामिन C पाया जाता हैं जो त्वचा को सुन्दर बनाता हैं और दाग-धब्बे, त्वचा में चमक और त्वचा हमेशा जवान दिखती हैं। मकई के भुट्टा में प्रोटीन होता हैं जो बाल सुन्दर, चमक और मजबूत बनाता हैं। 
 
16. बच्चों में लाभ:-
 
मकई के भुट्टा में भरपूर मात्रा में विटामिन, मिनिरल्स और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाया जाता हैं जो बच्चे के विकास के लिए बहुत अच्छा होता हैं और जो बच्चा पिछावन में पेशाब करते हैं वैसे बच्चे को मक्का का सेवन बहुत होता हैं, इन समस्याओं में बहुत लाभ होता हैं। 
 

मकई खाने के नुकसान (Side effect for Corn)

  • जिन लोगों को दमा की बीमारी हैं, उन लोगों को मकई का भुट्टा का सेवन नहीं करनी चाहिए। 
  • जिन लोगों को मधुमेह की बीमारी हैं, उन लोगों को भी मक्का बहुत कम मात्रा में सेवन करनी चाहिए नहीं तो उनका शुगर लेवल बढ़ जायगा। 
  • जिन लोगों को IBS की समस्या हैं, जिसमें हम बार-बार दस्त के लिए जाते हैं। उन लोगों को भी मकई का भुट्टा का सेवन नहीं करनी चाहिए। 
  • अगर आप मक्का का सेवन अधिक मात्रा में कर लेते हैं तो पेट में भारीपन, गैस और पेट में दर्द भी सकता हैं। 
  • मकई का भुट्टा या उबला मकई खाने के 40 मिनट पहले और 40 मिनट बाद पानी नहीं पीना चाहिए, नहीं तो पेट फूलना और अपच जैसी समस्या हो सकती हैं। 
  • किसी-किसी को मकई खाने से एलर्जी की समस्या भी होती हैं। 
 

मकई का भुट्टा कब, कितना और कैसे खाएँ?

कब:- मक्का खाने का कोई समय नहीं होता हैं। आप मकई का भुट्टा कभी भी खा सकते हैं। सुबह, शाम और रात को भी खा सकते हैं। दोपहर को मक्का खाना उतना अच्छा नहीं होता हैं। मक्का का रोटी रात में खाने से पचने में समय लगता हैं। 
 
कितना:- आप मक्का को किसी भी प्रकार से खाते हैं, चाहें वह मकई का भुट्टा हो या फिर उबला हुआ मकई हो। एक दिन में हमें 40 से 50 ग्राम से ज्यादा नहीं खानी चाहिए। अगर आप बाजार से पका हुआ मकई का भुट्टा खाते हैं तो 1 या 2 से ज्यादा नहीं खायें। 
 
कैसे:- आप मक्का को कई प्रकार से खा सकते हैं। आप मक्का मिक्स आटा के रूप में खा सकते हैं। आप सिर्फ मक्का के रोटी भी बनाकर खा सकते हैं। मकई का भुट्टा और उबला हुआ मक्का खाने में बहुत महसूर हैं। मक्का का सूप बनाकर भी पीते हैं। मक्का को भूनकर पॉप कॉर्न के रूप में खाते हैं। मकई का हलवा भी बनाकर खाया जाता हैं। मक्का का इस्तेमाल सत्तू बनाने में किया जाता हैं और मक्का का इस्तेमाल दलिया बनाने में भी किया जाता हैं। 
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मकई के भुट्टे के बालों के फायदे (Benefits of Corn Silk)

  • भुट्टे के बाल को पीसकर उसमें थोड़ा पानी और मिश्री मिलाकर पीते हैं तो गुदा द्वार पर फिसर की समस्या और कहीं से खून निकलने की समस्या में बहुत लाभकारी होता हैं। 
  • जिन लोगों में पेशाब के साथ वीर्य जाने की समस्या हैं, जिसे हम महिलाओं में लिकोरिया कहते हैं। उसमें भुट्टे के बाल और उसमे थोड़ा शीशम के बाल मिलाकर उसे पीसकर उसमें थोड़ा मिश्री पीने से इन समस्याओं में लाभ होता हैं। 
  • पेशाब संबंधित समस्या पेशाब रुक-रुककर होना, पेशाब खुलकर नहीं होना और पेशाब के रास्ते में इंस्फेक्शन होना। इन समस्याओं में भुट्टे के बाल को पीसकर उसमें थोड़ा पानी और मिश्री मिलाकर पीने से इन सारे समस्या को ठीक करता हैं। 
  • अगर आपको किडनी में पथरी की समस्या हैं तो, आप मकई के भुट्टे के बालों का काढ़ा बनाकर उसमें थोड़ा निम्बू मिलाकर चाय के रूप में सेवन करते हैं तो किडनी में पिथरी की समस्या में आराम देता हैं और होने से भी रोकता हैं। इसके साथ-साथ मकई का डंठल और मकई का जड़ का काढ़ा भी किडनी की समस्या में लाभ होता हैं। 
  • भुट्टा के बालों का काढ़ा बनाकर पीने से ब्लड-प्रेशर को नियंत्रण रखने में मदद करता हैं। काढ़ा को दिन 1 या 2 बार सेवन करें। 
  • मकई का भुट्टा का काढ़ा बनाकर पीने से गठिया-वात की समस्या दूर होती हैं, जिसे हम जोड़ों में दर्द होना कहते हैं। 
  • भुट्टा में बालों में विटामिन C भी अधिक मात्रा जाता हैं जो त्वचा के लिए बहुत अच्छा होता हैं। त्वचा की समस्या दाग-धब्बे और कालापन इन समस्याओं को ठीक करता हैं। इनके बालों को काढ़ा के रूप में सेवन जरूर करें। 
 

मकई का भुट्टे के बालों का सेवन किसे नहीं करना चाहिए?

  • जो महिला गर्भवती हैं, उसे मक्का के बालों का सेवन नहीं करना चाहिए। 
  • जो महिला गर्भ धारण करने की कोशिश कर रहें हैं, उसे भी मक्का के बालों का सेवन नहीं करना चाहिए। 
  • मक्का के बालों को सीधे खाने का कोई तरीका नहीं हैं, इसे सीधे डायरेक्ट नहीं खा सकते हैं। 
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पॉप कॉर्न खाने के फायदे (Benefits of Corn Silk)

पॉप कॉर्न वजन को कम करता हैं। जो लोग अपना वजन कम करना चाहते हैं वह लोग नियमित रूप से पॉप कॉर्न का सेवन जरूर करें। 
 

मक्का का रोटी के फायदे (Benefits of Corn Bread)

मक्का के रोटी के भी कुछ प्रमुख फायदे हैं जैसे:- कब्ज, कॉलेस्ट्रॉल को कम करना, ब्लड-प्रेशर को नियंत्रण रखना, दिल से जुड़ी समस्या को होने से रोकना और खून की कमी को पूरा करना। 
 
सावधानियाँ:- मक्का के रोटी रात में सेवन करने से पचने में भारी हैं। 
 
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मकई के भुट्टा खाते समय इन बातों का ध्यान रखें

मकई का भुट्टा ठंडा होने से पहले ही खा लें। पका हुआ भुट्टा ज्यादा देर से रखा न हो। मक्का कोमल और सॉफ्ट होनी चाहिये। 
 
 

FAQ. (मकई के भुट्टा से जुड़े सवाल और जबाब)

Q. शुगर में मक्का खा सकते हैं क्या?
Ans:- मक्का खाने से शुगर लेवल बढ़ता हैं। शुगर में मक्का बहुत कम मात्रा में खा सकते हैं। 
 
Q. भुट्टे के बाल से कौन-सी बीमारी ठीक होती हैं?
Ans:- भुट्टे के बाल का काढ़ा बनाकर पीने से एनल फिशर, पेशाब खुलकर नहीं होना, पेशाब के साथ वीर्य जाना, किडनी में पथरी, ब्लड-प्रेशर, गठिया-वात और त्वचा जैसी समस्या में लाभ करती हैं। 
 
Q. मक्का कब खाना चाहिए?
Ans:- मक्का खाने का कोई समय नहीं होता हैं, आप कभी-भी खा सकते हैं। सुबह, दोपहर, शाम और रात, रात को मक्का कम मात्रा खानी चाहिए क्योंकि मक्का पचने में भारी होता हैं। 
 
Q. भुट्टा खाकर पानी क्यों नहीं पीना चाहिए?
Ans:- कभी-कभी भुट्टा खाने से गैस, अपच, पेट में भारीपन और दर्द की समस्या भी होती हैं। भुट्टा खाने से तुरंत बाद पानी पीने से भुट्टा पचने में भारी हो जाता हैं, जिससे पेट से जुड़ी इन समस्याओं का सामना करना पढ़ सकता हैं। भुट्टा खाने के 40 मिनट बाद ही पानी पीना चाहिए। 
 
Q. भुट्टा खाने के बाद क्या नहीं खाना चाहिए?
Ans:- भुट्टा खाने के तुरंत बाद कुछ नहीं खानी चाहिए, नहीं तो पेट में गैस, अपच और दर्द की समस्या सकती हैं।
 
Q. भुट्टा खाने से वजन बढ़ता हैं क्या?
Ans:- भुट्टा खाने से वजन नहीं बढ़ता हैं क्योंकि भुट्टा में कैलरीज कम मात्रा में पाया जाता हैं। हाँ भुट्टा पकने और सूखने सूखने के बाद कैलरीज की मात्रा बढ़ जाती हैं। 
 
 
 

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